Oman Expat Income: ओमान में प्रवासियों की मासिक कमाई आई सामने, जानिए कितनी हो गई है सैलरी और खर्चा.

Nura Basta13 September 20263 min read93 viewsOman
Oman Expat Income: ओमान में प्रवासियों की मासिक कमाई आई सामने, जानिए कितनी हो गई है सैलरी और खर्चा.

ओमान में रहने वाले लाखों प्रवासियों के लिए आमदनी और खर्च से जुड़ा नया आंकड़ा सामने आया है, जो हर आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालता है। नेशनल सेंटर फॉर स्टैटिस्टिक्स एंड इंफॉर्मेशन की नई सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, ओमान में एक प्रवासी परिवार की औसत मासिक आय अब 717.15 ओमानी रियाल हो गई है। यह आंकड़ा साल 2018 के मुकाबले 7.3 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी को दिखाता है, जब यह राशि 668.6 रियाल थी। इस कुल कमाई का बड़ा हिस्सा यानी 686.38 रियाल केवल वेतन से आता है। ओमान में रहने वाले भारतीय और अन्य देशों के कामगारों के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि उनकी गाढ़ी कमाई का पैसा आखिर कहां खर्च हो रहा है।

ओमानियों और प्रवासियों की कमाई में बड़ा अंतर

अगर स्थानीय नागरिकों यानी ओमानी परिवारों की बात करें, तो उनकी औसत मासिक आय बढ़कर 1,839.3 रियाल पहुंच चुकी है, जिसमें साल 2018 से लेकर अब तक 18.5 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तरह से ओमानी परिवार और प्रवासी परिवार की आय के बीच का अंतर अब 2.5 गुना ज्यादा हो गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, ओमान में प्रवासियों का सरकारी खर्च 402.48 रियाल रिकॉर्ड किया गया है, जो 2018 से 11 प्रतिशत ज्यादा है। आम तौर पर खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के लिए अपने परिवार का खर्च चलाना और साथ में कुछ पैसे बचाकर भारत भेजना एक बड़ा टास्क होता है, और ऐसे में यह आंकड़े साफ बताते हैं कि प्रवासियों पर महंगाई का दबाव किस तरह बढ़ रहा है।

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किराए और बिलों में निकल जाती है आधी कमाई

प्रवासी परिवारों के खर्च का हिसाब-किताब देखा जाए तो उनकी कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा घर के किराए और बिलों में ही खर्च हो जाता है। सर्वे के अनुसार, प्रवासी अपने कुल बजट का 48 प्रतिशत हिस्सा केवल मकान का किराया, पानी, बिजली और गैस पर खर्च कर देते हैं। इसके अलावा 16.5 प्रतिशत हिस्सा खाने-पीने की चीजों पर, 6.6 प्रतिशत आने-जाने यानी ट्रांसपोर्ट पर, 5.2 प्रतिशत पढ़ाई-लिखाई पर और 5.25 प्रतिशत होटल और रेस्तरां पर खर्च होता है। किराए और यूटिलिटी बिलों में इतनी बड़ी रकम चले जाने के कारण प्रवासियों के पास बचत के लिए बहुत कम पैसा बच पाता है। वहीं, पढ़ाई पर केवल 5.2 प्रतिशत खर्च होने का मतलब यह भी है कि कई प्रवासी अपनी फैमिली को ओमान में साथ नहीं रख पाते हैं या फिर बहुत सस्ते स्कूलों का चुनाव करते हैं।

जनसंख्या और रोजगार के ताजा आंकड़े

जनसंख्या के लिहाज से देखा जाए तो ओमान की कुल आबादी में प्रवासियों की हिस्सेदारी 43.4 प्रतिशत है, जिनकी कुल संख्या लगभग 23.6 लाख यानी 2.36 मिलियन है। जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, सरकारी सेक्टर में 39,627 प्रवासी काम कर रहे हैं, जबकि प्राइवेट सेक्टर में यह संख्या 1,406,283 है। अगर सेक्टर के हिसाब से औसत कमाई देखी जाए तो सरकार में काम करने वालों की औसत आय 1,667.97 रियाल है और प्राइवेट सेक्टर में यह 687.58 रियाल है। ओमान में अलग-अलग पदों पर काम करने वाले प्रवासियों की संख्या भी काफी ज्यादा है, जिसमें 94,103 इंजीनियर और मैनेजर, 118,968 सेल्स वर्कर, 617,202 सर्विस सेक्टर के लोग, 100,894 इंडस्ट्री में काम करने वाले और 700,039 लोग इंजीनियरिंग भूमिकाओं में शामिल हैं। इन सभी आंकड़ों का सीधा असर आने वाले समय में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स और महंगाई की गणना पर पड़ने की पूरी उम्मीद है।

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