ओमान में भर्ती एजेंसियों के लिए नए नियम, 1 जनवरी 2027 से लागू

मस्कट: ओमान में विदेशी कर्मचारियों की भर्ती करने वाली एजेंसियों के कामकाज का तरीका अब बदलने वाला है। रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को श्रम मंत्री डॉ. महद बिन सईद बिन अली बवैन ने मंत्रालयिक निर्णय संख्या 390/2026 जारी किया, जिसमें भर्ती एजेंसियों के लिए नया नियामक ढांचा तय किया गया है। यह ढांचा 1 जनवरी 2027 से पूरी तरह प्रभावी होगा। यानी जो एजेंसियां आज चल रही हैं, उनके मौजूदा लाइसेंस अपनी अवधि तक वैध रहेंगे, लेकिन उसके बाद होने वाले हर नवीनीकरण में नए नियम मानने होंगे।
सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना, अनुबंधों को पारदर्शी बनाना और नियोक्ता व कर्मचारी, दोनों के अधिकारों की रक्षा करना है। कागज़ों पर यह बदलाव सीधा लगता है, पर इसका असर उन हज़ारों प्रवासी कामगारों तक पहुंचेगा जो भर्ती की प्रक्रिया से होकर ओमान पहुंचते हैं।
लाइसेंस की नई शर्तें क्या हैं
नए नियमों के तहत भर्ती का काम केवल श्रम मंत्रालय द्वारा मंज़ूर दफ्तरों से ही हो सकेगा। एजेंसी के मालिक, साझेदार और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता ओमानी नागरिक होने चाहिए। कम से कम एक मालिक या साझेदार को कारोबार पूरे समय संभालना होगा और मंत्रालय में नियोक्ता के रूप में पंजीकृत होना होगा। एजेंसी को छोटे और मध्यम उद्यम विकास प्राधिकरण में भी पंजीकरण कराना होगा।
वित्तीय सुरक्षा के तौर पर एजेंसी को 5,000 रियाल ओमानी (लगभग 13,000 अमेरिकी डॉलर) की गारंटी देनी होगी, ताकि नियम तोड़ने पर संभावित नुकसान की भरपाई हो सके। दफ्तर के परिसर को व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों पर खरा उतरना होगा, और जहां कर्मचारी ठहरते हैं, वहां की व्यवस्था भी तय मानकों के अनुसार होनी चाहिए।
भर्ती के दौरान अब मंत्रालय से मंज़ूर एकीकृत अनुबंध का इस्तेमाल अनिवार्य होगा। भर्ती प्रक्रिया की अधिकतम अवधि 45 दिन रखी गई है, और लिखित समझौते के आधार पर सीमित विस्तार की ही छूट होगी। एजेंसियों को दो साल की सेवा गारंटी देनी होगी और भर्ती से पहले कर्मचारी को नौकरी का प्रस्ताव दिखाना होगा, जिसमें वेतन और काम की ज़िम्मेदारियां साफ लिखी हों।
सबसे अहम बात यह है कि एजेंसियां कर्मचारियों से भर्ती शुल्क नहीं ले सकेंगी। जब तक कर्मचारी एजेंसी की देखरेख में हैं, उनके रहने और देखभाल की जिम्मेदारी भी एजेंसी की ही होगी।
नियम तोड़ने पर जुर्माने भी सख्त किए गए हैं। बिना लाइसेंस वाले माध्यम से भर्ती करने पर प्रति कर्मचारी 100 रियाल का जुर्माना होगा। अप्रमाणित दस्तावेज़ों वाले हर अनुबंध पर 50 रियाल, और लाइसेंस का अनधिकृत हस्तांतरण करने पर 500 रियाल तक का दंड लगेगा। ऐसे मामलों में एजेंसी का नाम मंत्रालय की वेबसाइट पर सार्वजनिक सूची में भी डाला जा सकता है। गैर-ओमानी प्रबंधन के उल्लंघन पर 500 रियाल के साथ निर्वासन का खर्च भी वसूला ज