ओमान ने दी बड़ी जानकारी, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में सुरक्षा बढ़ाने पर दिया जोर

Aanya26 September 20262 min read1 viewOman
ओमान ने दी बड़ी जानकारी, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में सुरक्षा बढ़ाने पर दिया जोर

ओमान के विदेश मंत्री Badr Albusaidi ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज में सुरक्षित नेविगेशन सुनिश्चित करने के लिए अपने देश की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को स्थिर रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। न्यूयॉर्क में आयोजित 81st United Nations General Assembly के दौरान, ओमान के विदेश मंत्री ने अपने ईरानी समकक्ष Abbas Araghchi के साथ सीधी चर्चा की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव को कम करना और समुद्री सुरक्षा को बनाए रखना था। इस कूटनीतिक पहल से क्षेत्र में शांति स्थापित करने की उम्मीद जताई जा रही है, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद जरूरी है।

क्षेत्रीय तनाव और शिपिंग ट्रैफिक पर असर

यह कूटनीतिक प्रयास ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में काफी तनाव बना हुआ है। वर्तमान में स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से होकर गुजरने वाला कमर्शियल शिपिंग ट्रैफिक युद्ध से पहले के स्तर से 75% नीचे चल रहा है। UK Maritime Trade Operations Centre (UKMTO) के अनुसार, दक्षिणी ओमान के रास्ते पर प्रोजेक्टाइल स्ट्राइक की घटनाएं सबसे अधिक दर्ज की जा रही हैं। इन सुरक्षा चुनौतियों के कारण संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों में तेजी आई है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री Faisal bin Farhan Al Saud ने भी नेविगेशन की स्वतंत्रता की आवश्यकता पर जोर दिया और इस कॉरिडोर के लिए किसी भी टोल सिस्टम को लागू करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इस बारे में अधिक जानकारी आधिकारिक Omani Foreign Ministry Source पर उपलब्ध है।

अंतरराष्ट्रीय प्रस्ताव और कूटनीतिक चर्चाएं

इस बीच, रूस ने खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता लाने में मदद करने की पेशकश की है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान द्वारा प्रस्तावित सात दिन के रीओपनिंग प्लान को अस्वीकार किए जाने के बाद तनाव अभी भी बना हुआ है। ईरान का यह प्रस्ताव कतर के माध्यम से पेश किया गया था, जो विभिन्न आर्थिक, समुद्री और तेल प्रतिबंधों को हटाने और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को समाप्त करने पर आधारित था। इससे पहले, 26 अगस्त 2026 को ओमान और ईरान ने एक चरणबद्ध ढांचे पर विचार किया था, जिसमें एक संयुक्त अस्थायी नेविगेटर कॉरिडोर की स्थापना और स्ट्रेट को खानों से मुक्त करने की एक सहयोगात्मक परियोजना शामिल थी। दोनों देशों के अधिकारी लगातार यह बात कह रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की रक्षा के लिए कूटनीतिक बातचीत बेहद जरूरी है।

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