Oman-India CEPA: ओमान में हुआ बड़ा बिजनेस फोरम, भारतीय कंपनियों और प्रोफेशनल्स के लिए खुले नए रास्ते.

ओमान की राजधानी मस्कट में भारत और ओमान के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए एक बड़ा बिजनेस फोरम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में दोनों देशों के कारोबारियों और नीति निर्माताओं ने हिस्सा लिया ताकि व्यापार और पेशेवर सेवाओं को बढ़ावा दिया जा सके। यह बैठक भारत-ओमान कॉम्प्रीहेसिभ इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट यानी CEPA को पूरी तरह लागू करने पर केंद्रित थी जो इसी साल 1 जून 2026 से प्रभावी हो चुका है। इस फोरम में 400 लोगों के बैठने की पूरी क्षमता भर चुकी थी जिससे साफ पता चलता है कि दोनों देशों के बिजनेस सेक्टर में इसे लेकर कितना उत्साह है।
व्यापार और सेवाओं में मिलेंगी विशेष छूट
इस समझौते के तहत ओमान ने सर्विसेज सेक्टर में कुल 127 सब-सेक्टर्स में बाजार तक पहुंच के लिए अपनी सहमति दी है। इसमें कंप्यूटर सेवाएं, बिजनेस और प्रोफेशनल सर्विसेज, इंजीनियरिंग, अकाउंटिंग, मेडिकल, शिक्षा, स्वास्थ्य, और टूरिज्म जैसे कई अहम क्षेत्र शामिल हैं। भारतीय कंपनियों के लिए यह एक बहुत बड़ा मौका है क्योंकि ओमान सरकार ने भारतीय कंपनियों के लिए इंट्रा-कॉर्पोरेट ट्रांसफरी यानी आईसीटी की सीमा को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा, जो लोग अनुबंध पर सर्विस देने ओमान जाते हैं, उनके ठहरने की अवधि को भी 90 दिनों से बढ़ाकर दो साल कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर इसे दो साल और बढ़ाया जा सकता है। हालांकि इन फायदों का लाभ उठाने के लिए ओमान के स्थानीय आव्रजन और श्रम कानूनों का पालन करना जरूरी होगा।
सामानों के व्यापार और एफडीआई पर बड़ा फैसला
गुड्स यानी सामानों के व्यापार के मामले में ओमान ने बड़ा कदम उठाते हुए भारत के लिए 98.08 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर 100 प्रतिशत ड्यूटी-फ्री बाजार पहुंच दी है। इससे भारत के कुल निर्यात मूल्य का 99.38 प्रतिशत हिस्सा कवर होता है। जिन प्रमुख सेक्टरों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा उनमें टेक्सटाइल, कृषि उत्पाद, प्रोसेस्ड फूड, ट्रांसपोर्ट के सामान, मशीनरी, समुद्री उत्पाद और जेम्स एंड ज्वैलरी शामिल हैं। इसके साथ ही, ओमान में भारतीय कंपनियों को प्रमुख सर्विस सेक्टर में 100 प्रतिशत फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट यानी FDI की मंजूरी भी दी गई है, जो कि वहां के स्थानीय नियमों के अधीन होगी। ओमान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री यानी OCCI ओमान को एक रणनीतिक गेटवे के रूप में पेश कर रहा है, ताकि भारतीय कंपनियां खाड़ी देशों, पूर्वी अफ्रीका और अमेरिका के बाजारों तक आसानी से पहुंच सकें। ओमान के बंदरगाह और फ्री जोन इसमें बहुत मदद करेंगे। ओमान और भारत के बीच हुए इस समझौते की पूरी जानकारी आप Gulfhindi.com पर देख सकते हैं।