Oman का बड़ा फैसला, प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले 60 साल से अधिक उम्र के प्रवासियों के लिए हटाई गई आयु सीमा.

Nura Basta12 September 20262 min read24 viewsOman
Oman का बड़ा फैसला, प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले 60 साल से अधिक उम्र के प्रवासियों के लिए हटाई गई आयु सीमा.

ओमान सरकार ने प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ा और राहत भरा कदम उठाया है। ओमान की सरकार ने काम करने के परमिट यानी वर्क परमिट जारी करने और उन्हें रिन्यू करने के लिए लगाई गई 60 साल की उम्र की सीमा को आधिकारिक तौर पर हटा दिया है। इस नीति के बदलने से उन हजारों बुजुर्ग और अनुभवी कामगारों को बड़ी राहत मिली है जो लंबे समय से ओमान में रहकर अपनी सेवाएं दे रहे थे। यह नया फैसला उन सभी लोगों के लिए बहुत जरूरी है जो उम्र के इस पड़ाव पर पहुंचकर अपने काम और वीजा को लेकर परेशान हो रहे थे।

अगस्त में लागू हुआ था अस्थायी प्रतिबंध

इससे पहले इसी साल अगस्त 2026 में लेबर मिनिस्ट्री ने अचानक से एक अस्थायी रोक लगा दी थी। उस दौरान मंत्रालय के पोर्टल ने 60 साल या उससे अधिक उम्र के प्रवासी कामगारों के वीजा रिन्यूअल के आवेदन लेना बंद कर दिया था और स्वतः ही उन आवेदनों को रिजेक्ट करना शुरू कर दिया था। हालांकि, इसके पहले जनवरी 2022 में कंपनियों को अपने अनुभवी कर्मचारियों को रोकने की छूट देने के लिए इस 60 साल की उम्र की लिमिट को खत्म कर दिया गया था। लेकिन अगस्त के महीने में अचानक आए इस बदलाव से कंपनियों और कामगारों दोनों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई थी, जिसे अब सरकार ने पूरी तरह से वापस ले लिया है।

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भारत और अन्य देशों के प्रवासियों को मिला फायदा

ओमान सरकार के इस फैसले से भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और फिलीपींस जैसे देशों से आए हजारों लंबे समय के प्रवासी कामगारों को सीधा फायदा पहुंचेगा। इनमें से ज्यादातर लोग कंस्ट्रक्शन, सर्विस, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्निकल सेक्टर में अपनी मेहनत मजदूरी और नौकरियां कर रहे थे। जिन भी नियोक्ताओं यानी कंपनियों के आवेदन अगस्त के महीने में इस रोक के दौरान खारिज हो गए थे, उन्हें अब सलाह दी गई है कि वे बिना किसी देरी के Ministry of Labour के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने नए या रिन्यूअल के आवेदन दोबारा से सबमिट करें ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो।

रेसिडेंसी स्टेटस और इकामा पर असर

अधिकारियों ने इस बात पर खास जोर दिया है कि चूंकि किसी भी विदेशी कर्मचारी की रेसिडेंसी यानी रहने का स्टेटस सीधे तौर पर उसके वर्क परमिट से जुड़ा होता है, इसलिए कंपनियों को तुरंत अपने डॉक्यूमेंट्स को अपडेट कर लेना चाहिए। इकामा यानी रेजिडेंस कार्ड की वैधता पूरी तरह से वर्क परमिट पर ही निर्भर करती है, इसलिए समय रहते अपने कागजातों को ठीक कराना सबसे बड़ा काम है। इस संबंध में ताजा जानकारी मिनिस्ट्री ऑफ Labour के पोर्टल की रिपोर्ट्स और क्षेत्रीय समाचार माध्यमों के जरिए सामने आई है, जिसके बाद अब सभी संबंधित लोगों को राहत की सांस लेने का मौका मिल गया है।

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