ओमान श्रम मंत्रालय का बड़ा कदम, प्राइवेट कंपनियों के लिए शुरू की अस्थायी वर्कर ट्रांसफर सर्विस.

ओमान के श्रम मंत्रालय ने प्रवासी कामगारों और प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों के लिए एक नई ऑनलाइन सेल्फ-सर्विस सुविधा शुरू की है। इस नई व्यवस्था के तहत प्राइवेट सेक्टर की एक कंपनी से दूसरी कंपनी में अस्थायी रूप से कर्मचारियों को ट्रांसफर किया जा सकता है। यह सर्विस 5 सितंबर 2026 को ओमान के ई-सर्विसेज पोर्टल पर लाइव की गई है। यह नियम परमानेंट स्पॉन्सरशिप ट्रांसफर नहीं है, बल्कि इसे बड़े प्रोजेक्ट्स, सीजनल काम, मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट या फिर थोड़े समय के लिए मैनपावर की जरूरत को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। ओमान में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार रहते हैं, ऐसे में यह खबर वहां नौकरी करने वाले भारतीयों के लिए बहुत काम की है।
कौन-कौन लोग होंगे इस नई सर्विस में शामिल
इस पूरी प्रक्रिया में कुल तीन पक्ष शामिल होते हैं, जिनमें पहला वर्तमान नियोक्ता यानी मौजूदा कंपनी, दूसरा खुद कर्मचारी और तीसरा वह कंपनी जो वर्कर को थोड़े समय के लिए ले रही है। मई 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक ओमान में वर्क वीजा पर 526,496 भारतीय नागरिक मौजूद हैं। इस वजह से यह सुविधा भारतीय तकनीशियनों, इंजीनियरों, मेंटेनेंस स्टाफ और प्रोजेक्ट वर्कर के लिए बेहद अहम साबित होगी। इस सर्विस का आधिकारिक नाम 'Temporary Transfer of Non-Omani Workforce between Private Sector Establishments' रखा गया है और इसके लिए कोई भी फीस नहीं ली जाती है। यह पूरी तरह से मुफ्त है।
क्या है आवेदन करने का पूरा नियम
इस प्रक्रिया की शुरुआत मौजूदा मालिक द्वारा ई-सर्विसेज पोर्टल पर रिक्वेस्ट डालकर की जाती है। इसके बाद उस अनुरोध को मौजूदा मालिक और कर्मचारी दोनों की तरफ से मंजूरी मिलना जरूरी होता है। कर्मचारी के पास पूरा अधिकार होता है कि वह इस ट्रांसफर को स्वीकार करे या फिर खारिज कर दे। अगर काम के प्रोफेशन में कोई बदलाव करने का प्रस्ताव है, तो इस पर श्रम मंत्रालय के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ लेबर केयर द्वारा विचार किया जा सकता है। मिनिस्टीरियल डिसीजन 730/2024 के नियमों के अनुसार कामगारों के लिए यह जरूरी है कि उन्होंने अपनी मूल कंपनी के साथ कम से कम छह महीने पूरे कर लिए हों और उनके पास वैध वर्क परमिट होना चाहिए।
कर्मचारियों के लिए सुरक्षा और खास शर्तें
मंत्रालय के नियमों के मुताबिक जिस कंपनी में वर्कर को भेजा जा रहा है, उसे कर्मचारी की पुरानी सैलरी, मिलने वाले फायदे और अन्य काम से जुड़ी शर्तों को या तो वैसे ही रखना होगा या फिर उससे बेहतर देना होगा। कर्मचारियों की सैलरी का भुगतान हमेशा वेज प्रोटेक्शन सिस्टम के माध्यम से ही किया जाना अनिवार्य है। यह ट्रांसफर पूरी तरह से अस्थायी होता है, जिसका मतलब है कि तय समय सीमा खत्म होने के बाद वर्कर को अपनी पुरानी कंपनी के पास वापस लौटना ही होगा, जब तक कि कोई अलग से परमानेंट ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी न की जाए। इस नियम के तहत किसी भी ऐसे पद पर ट्रांसफर नहीं किया जा सकता जो ओमान की नीतियों के तहत केवल ओमान के नागरिकों के लिए आरक्षित हैं।
जरूरी सलाह और मदद के लिए संपर्क नंबर
कामगारों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी रिक्वेस्ट को स्वीकार करने से पहले उसकी अवधि, काम की जगह, प्रोफेशन, सैलरी, भत्ते और वापसी की तारीख जैसी सभी जरूरी बातों की अच्छी तरह जांच कर लें। मौखिक निर्देश या आपसी बातचीत से तय की गई बातों का कोई कानूनी महत्व नहीं होता है, इसलिए केवल ओमान सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर मिलने वाली मंजूरी ही मान्य होती है। यदि कोई दिक्कत आती है तो कर्मचारी प्रभावी शुरू होने की तारीख से पहले एम्प्लॉयर पोर्टल के जरिए रिक्वेस्ट को रद्द भी कर सकते हैं। किसी भी विवाद या मदद के लिए ओमान श्रम मंत्रालय के कॉल सेंटर नंबर 80077000 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा ओमान में रहने वाले भारतीय नागरिक मस्कट स्थित भारतीय दूतावास के टोल-फ्री नंबर 80071234, कम्युनिटी वेलफेयर नंबर 79964455 और 97256983, या फिर घरेलू वर्कर के लिए बने व्हाट्सएप नंबर 79173615 पर संपर्क कर सकते हैं। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए ओमान श्रम मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट किया जा सकता है।