Oman में पुराना नोट बदलने का आखिरी मौका, सेंट्रल बैंक ने जारी किया सख्त आदेश.

ओमान में रहने वाले प्रवासियों और भारतीय नागरिकों के लिए एक बेहद जरूरी खबर सामने आई है। ओमान के सेंट्रल बैंक यानी Central Bank of Oman (CBO) ने पुराने और एक्सपायर हो चुके बैंकनोट्स को बदलने की आखिरी तारीख आज यानी 21 सितंबर 2026 तय कर दी है। अगर आपके पास भी साल 2020 की छठी सीरीज से पहले के पुराने नोट घर, लॉकर, वॉलेट या किसी डिब्बे में रखे हैं, तो उन्हें आज ही बदल लें। बैंक की तरफ से साफ कह दिया गया है कि आज के बाद पुराने नोटों को बदलने का कोई भी दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कौन से पुराने नोट हो रहे हैं बंद
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि आखिर कौन-कौन से नोट बंद हुए हैं। CBO के मुताबिक, साल 1995 से 2019 के बीच जारी किए गए पुराने नोट अब चलन से बाहर हो रहे हैं। इसमें नवंबर 1995 के 1 रियाल, आधा रियाल, 200 और 100 baisa के नोट शामिल हैं। इसके अलावा नवंबर 2000 के 50, 20, 10 और 5 rial के नोट भी इसमें शामिल हैं। इतना ही नहीं, साल 2005 का紀念 1 रियाल, 2010 का 20 रियाल, 2011 और 2012 के 50, 10 और 5 रियाल के नोट, 2015 का 1 रियाल और 2019 का अपडेटेड 50 rial नोट भी बदला जाना है। हालांकि, मौजूदा छठी सीरीज के नोट पूरी तरह से सुरक्षित हैं और उन पर कोई रोक नहीं है।
बैंकों में जाकर तुरंत करें वेरिफिकेशन
जो लोग अपने नोटों की वैधता को लेकर असमंजस में हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे आज ही अपने नजदीकी बैंक की शाखा में जाएं। ओमान में काम करने वाले सभी कमर्शियल बैंकों में आज कामकाज के समय तक इन पुराने नोटों को बदला जा सकता है। अलग-अलग बैंकों के खुलने और बंद होने का समय अलग हो सकता है, इसलिए सेंट्रल बैंक ने लोगों से अपील की है कि वे बिना देर किए सुबह ही बैंक पहुंच जाएं। राहत की बात यह है कि सेंट्रल बैंक ने इस एक्सचेंज प्रक्रिया के लिए किसी भी तरह की फीस या अलग से दस्तावेज की मांग नहीं की है।
भारत या ओमान से बाहर रखे नोटों का क्या होगा
कई प्रवासी अपने साथ पुराने नोट अपने देश भारत या अन्य जगहों पर ले गए हैं। CBO ने स्पष्ट किया है कि ओमान के बाहर मौजूद विदेशी मुद्रा एक्सचेंज हाउस इन पुराने नोटों को स्वीकार करें, इसकी कोई गारंटी नहीं है। जो लोग ओमान से बाहर हैं, उन्हें तुरंत अधिकृत मनी एक्सचेंजर्स से संपर्क करना चाहिए क्योंकि ओमान के बैंकों के जरिए नोट बदलने की समयसीमा आज ही समाप्त हो रही है। इस डेडलाइन के बाद अगर कोई निजी तौर पर इन पुराने नोटों का लेन-देन करता है, तो उसे भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है क्योंकि ये नोट अब और कानूनी टेंडर नहीं माने जाएंगे।