संयुक्त राष्ट्र महासभा में ओमान ने लिया हिस्सा, स्विट्जरलैंड और फ्रांस के साथ हुई अहम बैठक.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल यानी GCC और अन्य देशों के बीच बड़ी बैठकों का दौर चला। इस उच्च स्तरीय मंच पर ओमान ने भी बहुत ही सक्रिय रूप से अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराई और दुनिया के सामने अपनी बात रखी। इस महत्वपूर्ण आयोजन में ओमान सरकार की तरफ से विदेश मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय संगठन विभाग के प्रमुख और राजदूत शेख मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल कतबी ने देश का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र में ओमान के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि ओमर सईद ओमर अलकथिरी ने भी जीसीसी की पूर्व तैयारियों से जुड़ी समन्वय बैठक में हिस्सा लिया और क्षेत्रीय मुद्दों पर अपनी बात रखी।
नयायॉक में आयोजित इन बैठकों में जीसीसी और स्विट्जरलैंड के बीच पहली संयुक्त मंत्री स्तरीय बैठक मुख्य आकर्षण रही। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य इसी साल जनवरी महीने में साइन किए गए समझौता ज्ञापन यानी एमओयू के जरिए शुरू की गई रणनीतिक बातचीत को और ज्यादा मजबूत करना था। दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक सहयोग को बढ़ाने और सांस्कृतिक, विकासात्मक तथा मानवीय क्षेत्रों से जुड़े एक नए संयुक्त कार्य योजना के मसौदे पर भी गंभीर चर्चा हुई। इसके साथ ही जीसीसी और फ्रांस के बीच भी एक अलग मंत्री स्तरीय बैठक हुई जिसमें सुरक्षा, सैन्य मामलों, अर्थव्यवस्था, तकनीक, ऊर्जा और शिक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और अधिक विस्तार देने पर जोर दिया गया। इन बैठकों में जीसीसी के महासचिव जासेम मोहम्मद अल बुदैवी, बहरीन के विदेश मंत्री डॉ. लतीफ बिन राशिद अल जयानी, स्विट्जरलैंड के संघीय पार्षद इग्नाज़ियो कैसिस और फ्रांस के यूरोप तथा विदेश मामलों के मंत्री जीन-नोएल बैरोट जैसे बड़े नेता शामिल हुए।
क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन पर विशेष चर्चा
इन तमाम कूटनीतिक मुलाकातों के दौरान खाड़ी देशों के सामने आ रही क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर भी खुलकर बात की गई। बैठकों में अंतरराष्ट्रीय नौवहन यानी नेविगेशन से जुड़ी चिंताओं और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। इसके अलावा, इस साल 28 फरवरी के बाद से जीसीसी देशों के भीतर कूटनीतिक परिसरों और जरूरी प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों से उपजे तनाव की स्थिति की भी समीक्षा की गई। ओमान विदेश मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ये सभी बैठकें बहुपक्षीय कूटनीति के प्रति खाड़ी देशों की प्रतिबद्धता को मजबूत करती हैं। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब आगामी 24 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब में दूसरा जीसीसी-ईयू शिखर सम्मेलन आयोजित होने वाला है। संयुक्त राष्ट्र महासभा का यह सामान्य सत्र आगामी 28 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा जिसका मुख्य विषय सभी के लिए काम करने वाला संयुक्त राष्ट्र तैयार करना है। इन बैठकों के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Oman Foreign Ministry और QNA News की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।