Oman Postpones Meeting: ओमान ने ईरान के साथ होने वाली हाई-लेवल बैठक की स्थगित, सामने आई यह बड़ी वजह।

Aanya13 September 20262 min read42 viewsOman
Oman Postpones Meeting: ओमान ने ईरान के साथ होने वाली हाई-लेवल बैठक की स्थगित, सामने आई यह बड़ी वजह।

हार्मज जलडमरूमध्य को लेकर ओमान और ईरान के बीच होने वाली महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक को फिलहाल टाल दिया गया है। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी ने रविवार, 13 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी कि गल्फ देशों और ईरान के बीच होने वाला यह सत्र स्थगित कर दिया गया है। यह बैठक मूल रूप से सोमवार, 14 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली थी, जिसमें रणनीतिक समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही को लेकर संभावित समझौतों पर चर्चा की जानी थी। इस फैसले के बाद क्षेत्रीय व्यापार और नेविगेशन से जुड़े मुद्दों पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

समुद्री मार्ग और कूटनीतिक गतिविधियां

हार्मज जलडमरूमध्य फरवरी 2026 से ही काफी हद तक बाधित चल रहा है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद ईरान ने यहां ट्रांजिट प्रतिबंध लगा दिए थे, जिसके जवाब में अमेरिकी नौसेना ने नाकाबंदी कर दी थी। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने शनिवार, 12 सितंबर को यह कहा था कि यह बैठक अरब देशों और ईरानी अधिकारियों के लिए एक साझा ईरान-ओमान शिपिंग रूट को औपचारिक रूप देने का मंच बनेगी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन यानी IMO को भी इसकी सूचना दी जानी थी।

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तकनीकी समझौते और शर्तें

इससे पहले अगस्त 2026 के आखिर में, ईरान और ओमान ने नए एंट्री और एग्जिट रूट्स को लेकर एक तकनीकी समझौते को अंतिम रूप दिया था। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट किया कि हालांकि यह ढांचा नए समुद्री रास्ते तय करता है, जिसमें एंट्री रूट पूरी तरह से ईरानी क्षेत्रीय पानी के भीतर हैं और एग्जिट रूट पर आंशिक नियंत्रण है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जलडमरूमध्य तुरंत खोल दिया जाएगा। अरागची ने जोर देकर कहा कि इस रास्ते का पूरा खुलना इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं पर वापस लौटेगा या नहीं।

प्रबंधन और क्षेत्रीय मतभेद

रूट के प्रबंधन को लेकर अभी भी असहमति बनी हुई है। खासकर ईरान की यह इच्छा है कि गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाया जाए, जिसे ओमान ने खारिज कर दिया है। इसके अलावा क्षेत्रीय स्तर पर भी देशों का रुख बंटा हुआ है। शनिवार, 12 सितंबर को बहरीन ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की कि वह ईरान के साथ तब तक किसी भी सामूहिक चर्चा में हिस्सा नहीं लेगा जब तक कि राजनयिक संबंध बहाल नहीं हो जाते। बहरीन ने यह भी वकालत की कि जलडमरूमध्य को बिना किसी भेदभाव, फीस या परमिट के खुला रहना चाहिए। इन तनावों के बावजूद इराक जैसे अन्य देशों के इस फोरम में शामिल होने की उम्मीद थी। फिलहाल इस बैठक की कोई नई तारीख घोषित नहीं की गई है।

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