Oman Labour Rules: ओमान में श्रम नियमों का उल्लंघन पड़ा भारी, पहले ही छमाही में हजारों प्रवासी डिपोर्ट.

ओमान के श्रम मंत्रालय ने साल 2026 की पहली छमाही के निरीक्षण आंकड़े जारी कर दिए हैं, जिससे साफ हो गया है कि देश में काम करने वाले लोगों के लिए नियम कितने सख्त हो गए हैं। मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस साल के शुरुआती छह महीनों में कुल 6,707 निरीक्षण किए गए, जिनमें 11,172 गैर-ओमानी मजदूर श्रम नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़े गए। अधिकारियों ने इन मामलों में कड़ी कार्रवाई करते हुए 4,680 मामलों को पब्लिक प्रॉसीकुशन के पास भेजा और 2,944 विदेशी कामगारों को देश से वापस उनके वतन डिपोर्ट कर दिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान नियमों को तोड़ने वालों पर 3.246 मिलियन ओमान रियाल से ज्यादा का भारी जुर्माना भी लगाया गया है, जिसके बाद ओमान के लेबर मार्केट में कुल अनुपालन दर 69.5 प्रतिशत दर्ज की गई है। सरकार की तरफ से लगातार जमीनी स्तर पर जांच की जा रही है ताकि यह देखा जा सके कि काम करने वाले लोगों के पास सही वर्कPermit है या नहीं, वे अपने अधिकृत नियोक्ता के साथ काम कर रहे हैं या नहीं और उनकी नौकरी का प्रकार क्या है।
भारतीय समुदाय के लिए क्यों जरूरी है यह अपडेट
यह पूरी खबर ओमान में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए बहुत मायने रखती है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास के अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार, ओमान में लगभग 674,950 भारतीय नागरिक रहते हैं। इसके अलावा नेशनल सेंटर फॉर स्टैटिस्टिक्स एंड इंफॉर्मेशन यानी NCSI के मई 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, अकेले 526,496 भारतीय नागरिक वहां वर्क वीजा पर काम कर रहे हैं। हालांकि मंत्रालय ने पकड़े गए उल्लंघनकर्ताओं की कोई राष्ट्रीयता-वार यानी देश के हिसाब से अलग सूची जारी नहीं की है, लेकिन वहां रहने वाले हर भारतीय कामगार के लिए यह जरूरी है कि वे वहां के कानूनों का पूरी तरह से पालन करें ताकि उन्हें किसी भी बड़ी परेशानी का सामना न करना पड़े।
ओमान लेबर लॉ के कड़े नियम और कानून
ओमान के श्रम कानून यानी Royal Decree 53/2023 के अनुच्छेद 28 के अनुसार, किसी भी गैर-ओमानी यानी विदेशी मजदूर के लिए यह जरूरी है कि वह नौकरी शुरू करने से पहले वैध वर्क परमिट प्राप्त करे। इसके लिए कानूनी तरीके से देश में प्रवेश करना, मेडिकल रूप से फिट होना और किसी अधिकृत नियोक्ता के साथ अनुबंध होना आवश्यक है। अगर कोई व्यक्ति विजिट वीजा या टूरिस्ट वीजा पर ओमान पहुंचकर काम करता है, तो इसे कानून की नजर में पूरी तरह से असुरक्षित और अवैध माना जाता है। इसके अलावा कानून का अनुच्छेद 29 यह साफ कहता है कि कोई भी कामगार मंत्रालय की औपचारिक इलेक्ट्रॉनिक अनुमति और मंजूरी के बिना अपना नियोक्ता यानी कंपनी नहीं बदल सकता। अगर कोई कर्मचारी बिना अनुमति के किसी दूसरे मालिक के यहां काम करता है, चाहे वह छुट्टी का दिन हो या काम के बाद का समय, तो रेजिडेंस कार्ड होने के बावजूद उस पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
नौकरीपेशा भारतीयों के लिए जरूरी सलाह
ओमान में काम करने वाले सभी भारतीय नागरिकों को यह सलाह दी जाती है कि वे देश पहुंचने से पहले अपने एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट और कंपनी की पूरी जांच-पड़ताल जरूर कर लें। इस बात की पूरी पक्की जानकारी होनी चाहिए कि जो सैलरी, काम के घंटे, रहने की जगह और मेडिकल सुविधा तय की गई है, वह सही है या नहीं। किसी भी ऐसे एजेंट या बिचौलिये के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें जो विजिट वीजा पर ओमान बुलाकर बाद में वर्क वीजा दिलाने का झूठा वादा करता है और न ही कभी कैश में पैसे का लेन-देन करें। ओमान पहुंचने के बाद तुरंत मंत्रालय के सिस्टम में अपने स्टेटस की जांच करें और अपने कॉन्ट्रैक्ट, पासपोर्ट, रेजिडेंस कार्ड और सैलरी मिलने की रसीद को सुरक्षित संभालकर रखें। यदि आप नौकरी बदलना चाहते हैं, तो हमेशा कानूनी और आधिकारिक ट्रांसफर प्रक्रिया का ही पालन करें ताकि भविष्य में किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।