Oman में श्रम कानूनों का कड़ा उल्लंघन, मंत्रालय ने पकड़े 11 हजार से ज्यादा मामले और लगाया भारी जुर्माना.

ओमान में रहने वाले और वहां काम करने वाले प्रवासियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ओमान के श्रम मंत्रालय ने हाल ही में देश भर में एक बड़ा अभियान चलाया, जिसमें नियमों को तोड़ने वाले लोगों और कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के दौरान कुल 11,172 श्रम उल्लंघनों के मामलों का खुलासा हुआ है, जिसके बाद प्रशासन ने दोषियों पर कुल 3.245 मिलियन यानी 32 लाख 45 हजार से ज्यादा ओमान रियाल का जुर्माना लगाया है। सरकार की तरफ से उठाए गए इस सख्त कदम से उन सभी लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं जो बिना सही कागजात या नियमों के खिलाफ जाकर काम कर रहे थे। ओमान सरकार ने साफ कर दिया है कि देश के श्रम कानूनों का पालन करना हर किसी के लिए अनिवार्य है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रवासियों पर क्या है असर और कौन से मामले आए सामने
ओमान में काम कर रहे भारतीय कामगारों के लिए यह डेटा बहुत मायने रखता है। भारतीय दूतावास मस्कट के अनुसार फरवरी 2026 तक ओमान में लगभग 6.75 लाख भारतीय नागरिक रह रहे थे, जिनमें से मई 2026 के नेशनल सेंटर फॉर स्टैटिस्टिक्स एंड इंफॉर्मेशन यानी एनसीएसआई के आंकड़ों के अनुसार 5.26 लाख से ज्यादा लोग वैध वर्क वीजा पर काम कर रहे हैं। मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार सबसे बड़ा उल्लंघन यह पाया गया कि 4,859 मामलों में गैर-ओमानी कामगारों को ऐसे नियोक्ताओं द्वारा काम पर रखा गया था जिनके पास इसके लिए आधिकारिक अनुमति नहीं थी। इसके अलावा 1,952 मामले ऐसे थे जहां कर्मचारी अपने अधिकृत मालिक को छोड़कर कहीं और काम कर रहे थे। ओमान की ओमानिसाइजेशन नीतियों के तहत स्थानीय नागरिकों के लिए आरक्षित नौकरियों में 1,117 प्रवासियों को काम करते हुए पाया गया और 1,098 लोगों ने अपने खुद के खाते पर बिना परमिट के काम किया।
नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई और अधिकारियों की चेतावनी
प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अनुबंध पूरा होने के बाद तय समय सीमा के भीतर कर्मचारियों को वापस भेजने या उनकी सेवाएं ट्रांसफर न करने के 962 मामले सामने आए। इसके अलावा वर्क परमिट के बिना काम करने के 786 मामले, लाइसेंस प्राप्त पेशे के बाहर जाकर दूसरे काम करने के 234 मामले और श्रम नियमों के अन्य उल्लंघन के 164 मामले दर्ज किए गए। पकड़े गए मामलों में से कुल 4,652 मामलों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के पास भेज दिया गया है। ओमान के श्रम कानूनों के मुताबिक किसी भी गैर-ओमानी कामगार के पास श्रम मंत्रालय का वैध वर्क ऑथराइजेशन होना जरूरी है जो उनके अधिकृत नियोक्ता से जुड़ा हो। न तो मालिक और न ही कामगार इन आधिकारिक प्रक्रियाओं को दरकिनार कर सकते हैं। नौकरी बदलने या नया काम स्वीकार करने से पहले सभी दस्तावेजों और मंत्रालय की मंजूरियों की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए। छोटे स्तर पर या अस्थायी रूप से भी बिना परमिट के काम करने पर हिरासत में लिए जाने और गंभीर कानूनी मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है।
भारतीय प्रवासियों के लिए मदद और हेल्पलाइन नंबर
यदि ओमान में रहने वाले किसी भी भारतीय नागरिक को वेतन विवाद, पैसे न मिलने, किसी तरह के उत्पीड़न या कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी कोई भी परेशानी आती है, तो मदद के लिए ओमान श्रम मंत्रालय और भारतीय दूतावास की मदद ली जा सकती है। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास अपनी कम्युनिटी वेलफेयर विंग के जरिए ऐसे मामलों में पूरी सहायता प्रदान करता है। किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए दूतावास का 24x7 टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 80071234 उपलब्ध है। इसके अलावा टेलीफोन नंबर +968-24684567 पर संपर्क किया जा सकता है या फिर [email protected] पर ईमेल भेजा जा सकता है। आम श्रम पूछताछ के लिए ओमान श्रम मंत्रालय के कॉल सेंटर नंबर 80077000 पर भी कॉल किया जा सकता है।