Oman News: ओमान में अवैध काम करने वालों पर बड़ी कार्रवाई, पहले छह महीने में पकड़े गए 17 हजार से ज्यादा मामले.

ओमान में रहने वाले प्रवासियों और नौकरी की तलाश करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी और जरूरी खबर सामने आई है। ओमान के श्रम मंत्रालय ने इस साल की शुरुआत यानी जनवरी से जून 2026 के बीच एक बड़ा आंकड़ा जारी किया है। मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान देश में गैर-ओमानी कामगारों से जुड़े कुल 17,577 उल्लंघन के मामले पकड़े गए हैं। हालांकि पिछले साल यानी 2025 के शुरुआती छह महीनों में ऐसे 31,421 मामले सामने आए थे, जिससे यह साफ होता है कि इस बार मामलों में कुछ कमी आई है। इसके बावजूद सरकार का मानना है कि इस तरह के अवैध काम और नियम तोड़ने से देश के लेबर मार्केट पर बुरा असर पड़ता है और जो कंपनियां सही तरीके से कानून का पालन करती हैं, उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है। खासकर भारत और अन्य देशों से ओमान जाने वाले लोगों को वहां के स्थानीय कानूनों की पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है, वरना छोटी सी गलती भारी पड़ सकती है।
अवैध काम और नियमों की अनदेखी
मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, पकड़े गए इन मामलों में कई तरह की गड़बड़ियां शामिल थीं। बहुत से लोग बिना वैध अनुमति पत्र के काम करते हुए पाए गए या फिर वे ऐसे मालिकों के यहां काम कर रहे थे जिनके पास उन्हें काम पर रखने का अधिकार नहीं था। इसके अलावा कई कंपनियां ऐसी थीं जिन्होंने अपने कर्मचारियों का वेतन Wage Protection System यानी वेज प्रोटेक्शन सिस्टम में रजिस्टर नहीं किया था। निर्माण स्थलों यानी कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा के नियमों की अनदेखी के मामले भी सामने आए हैं। प्रवासी लोग अक्सर जिस फ्री वीजा व्यवस्था की बात आपस में करते हैं, उसे ओमान के कानून के तहत पूरी तरह से अवैध माना जाता है। ऐसे में जो लोग बिना सही कागजात के वहां काम कर रहे हैं, उन्हें अब बहुत संभलकर रहने की जरूरत है क्योंकि सरकार इन मामलों में बिल्कुल भी ढील नहीं दे रही है.
कड़े जुर्माने और सजा का प्रावधान
ओमान सरकार ने नियम तोड़ने वाले नियोक्ताओं यानी मालिकों और कामगारों दोनों के लिए बहुत कड़े नियम बनाए हैं। अगर कोई कंपनी नियमों का उल्लंघन करती है, तो उसे एक महीने तक की जेल और RO 2,000 तक का जुर्माना देना पड़ सकता है। भारतीय रुपये के हिसाब से यह रकम करीब 4.3 लाख रुपये और एईडी के हिसाब से लगभग 19,000 AED बनती है। अगर कोई वर्कर अवैध रूप से देश में घुसा है या अपने असली मालिक को छोड़कर भाग गया है, तो यह जुर्माना और सजा दोगुनी भी हो सकती है। ऐसी कंपनियों को अगले दो साल तक किसी भी विदेशी यानी गैर-ओमानी वर्कर को काम पर रखने से रोक दिया जाता है और उन्हें ही वर्कर को वापस भेजने का खर्च भी उठाना पड़ता है। वहीं दूसरी तरफ, जो प्रवासी मजदूर बिना वैध परमिट या unauthorized मालिक के यहां काम करते पकड़े जाते हैं, उन्हें जेल की हवा खानी पड़ सकती है, भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है, देश से डिपोर्ट यानी बाहर निकाला जा सकता है और उनके काम करने के परमिट हमेशा के लिए रद्द किए जा सकते हैं.
डिजिटल सिस्टम और सही कानूनी प्रक्रिया
इन अवैध मामलों को पकड़ने के लिए ओमान का श्रम मंत्रालय अब पूरी तरह से आधुनिक डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है। इसके तहत वर्क परमिट और कंपनियों के रिकॉर्ड को आपस में जोड़ा गया है और सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों ने साफ सलाह दी है कि अगर किसी वर्कर को अपनी नौकरी बदलनी है, तो इसके लिए एक तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होता है। नए मालिक को श्रम मंत्रालय के जरिए आधिकारिक ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू करनी होती है, जिसके बाद पुराने मालिक की मंजूरी लेनी पड़ती है और फिर रॉयल ओमान पुलिस से इमिग्रेशन रिकॉर्ड को अपडेट करवाना पड़ता है। भारत से ओमान में नौकरी करने जाने वाले सभी प्रवासियों से यह अपील की जाती है कि वे अपने वर्क परमिट, लेबर कार्ड और स्पॉन्सर से जुड़ी सभी जानकारियों को हमेशा सही रखें और अपनी असली जगह पर ही काम करें। अगर काम को लेकर कोई विवाद होता है, तो नौकरी छोड़कर भागने के बजाय मंत्रालय के तय किए गए कानूनी रास्तों और मंचों का ही इस्तेमाल करें ताकि भविष्य में किसी भी बड़ी परेशानी से बचा जा सके.