ओमान ने 2026 ग्लोबल ट्रैफिकिंग रिपोर्ट में बरकरार रखा टियर 2 दर्जा, सख्त हुए कानून

ओमान ने मानव तस्करी के खिलाफ अपनी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। साल 2026 की ग्लोबल ट्रैफिकिंग रिपोर्ट में सल्तनत ने अपना 'टियर 2' दर्जा बरकरार रखा है। यह सफलता ओमान द्वारा कानूनी ढांचे को मजबूत करने, पीड़ितों की देखभाल के लिए बेहतर सेवाएं प्रदान करने और विशेष कानून प्रवर्तन इकाइयों की स्थापना के प्रयासों का नतीजा है। देश अब अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपनी घरेलू प्रणालियों को ढालने पर जोर दे रहा है।
सख्त सजा और नए कानूनी प्रावधान
इस दिशा में सबसे बड़ा कदम रॉयल डिक्री नंबर 78/2025 के तहत लागू किया गया नया 'एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग कानून' है। इस कानून ने 2008 के पुराने नियमों की जगह ली है, जिससे अब तस्करी के अपराधों का दायरा बढ़ गया है और सजाएं भी पहले से कहीं अधिक सख्त कर दी गई हैं। नए नियमों के मुताबिक, दोषियों को अधिकतम 10 साल की जेल और 1,00,000 ओमानी रियाल तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। वहीं, गंभीर अपराधों के मामलों में यह सजा 7 से 15 साल तक हो सकती है।
विदेश मंत्रालय के राजनीतिक मामलों के अवर सचिव और नेशनल कमेटी टू कॉम्बैट ह्यूमन ट्रैफिकिंग (NCCHT) के अध्यक्ष शेख खलीफा बिन अली अल हरथी ने कहा कि यह डिक्री अंतरराष्ट्रीय सहयोग और न्यायिक समन्वय को गहरा करने के लिए बेहद अहम है।
घरेलू कामगारों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए भी कड़े कदम उठाए गए हैं। अब लिखित रोजगार अनुबंध अनिवार्य कर दिया गया है और काम के घंटों की अधिकतम सीमा 12 घंटे तय की गई है, जिसमें कम से कम 8 घंटे का विश्राम अनिवार्य है। साथ ही, पासपोर्ट जब्त करने की सख्त मनाही है।
पीड़ितों को अब रेजिडेंसी या लेबर से संबंधित जुर्माने से छूट दी गई है और उन्हें चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक और कानूनी सहायता प्रदान की जा रही है। 'दार अल-विफाक' जैसे शेल्टर होम इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। रॉयल ओमान पुलिस (ROP) के महानिदेशक ब्रिगेडियर जनरल जमाल बिन हबीब अल क़ुरैशी ने स्पष्ट किया है कि आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने और संभावित खतरों की निगरानी के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जनजागरूकता बढ़ाने के लिए NCCHT ने 27 सितंबर, 2026 को "अमान 2" अभियान की शुरुआत की, जिसका विषय "जागरूकता सबका अधिकार है" रखा गया है। किसी भी संदिग्ध घटना की रिपोर्ट करने के लिए रॉयल ओमान पुलिस ने एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर 800 77 444 जारी किया है।