Oman Rwanda Agreement: ओमान और रवांडा के बीच हुआ बड़ा समझौता, वीज़ा और लेबर नियमों पर हुआ नया ऐलान.

Praggya Singh sabal8 September 20262 min read24 viewsOman
Oman Rwanda Agreement: ओमान और रवांडा के बीच हुआ बड़ा समझौता, वीज़ा और लेबर नियमों पर हुआ नया ऐलान.

मंगलवार, 8 September 2026 को ओमान के सलाहलाल स्थित अल हुस्न पैलेस में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ओमान और रवांडा ने आपस में कई जरूरी समझौतों पर हस्ताक्षर किए। रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागैमी की ओमान की पहली आधिकारिक यात्रा के दौरान यह कदम उठाया गया। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों को मजबूत करने के लिए दो औपचारिक समझौते और छह ज्ञापनों यानी एमओयू पर मुहर लगी।

लेबर और टैक्स से जुड़े अहम समझौते

दोनों देशों के बीच हुए समझौतों में एक लेबर एमओयू भी शामिल है, जिससे आने वाले समय में सरकारी स्तर पर यानी गवर्मेंट टू गवर्मेंट भर्ती और स्किल्स को मान्यता मिलने का रास्ता साफ हुआ है। इसके अलावा डबल टैक्सेशन यानी दोहरे कराधान से बचने के लिए एक संधि पर भी हस्ताक्षर किए गए। इससे दोनों देशों के बीच बिजनेस और ज्वाइंट वेंचर्स को बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। इन फैसलों की जानकारी ओमान के विदेश मंत्रालय और अन्य प्रमुख मीडिया घरानों द्वारा साझा की गई है।

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लॉजिस्टिक और वीज़ा नियमों में बदलाव

लेबर और टैक्स के अलावा लॉजिस्टिक, इनलैंड ड्राई-पोर्ट डेवलपमेंट और सप्लाई-चेन सर्विस को लेकर भी नए समझौते किए गए हैं। इससे रवांडा और ओमान के बंदरगाहों के बीच व्यापार का रास्ता और अधिक मजबूत होगा। ओमान के सोहर, दुक्म, सलाहलाल और मस्कट बंदरगाह अब इस व्यापारिक कॉरिडोर से और बेहतर तरीके से जुड़ेंगे। इसके साथ ही दोनों देशों ने डिप्लोमैटिक, स्पेशल और सर्विस पासपोर्ट धारकों के लिए वीज़ा फ्री एंट्री का समझौता किया है। हालांकि, आम नागरिकों के साधारण पासपोर्ट पर पुराने नियम ही लागू रहेंगे और वर्क वीज़ा या रेजिडेंसी कार्ड के नियमों में किसी भी तरह के बदलाव की घोषणा नहीं की गई है।

आर्थिक सहयोग और नई उड़ानें

दोनों पक्षों ने आपसी आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए अपने-अपने देशों में रेजिडेंट एंबेसी यानी आवासीय दूतावास स्थापित करने का फैसला किया है। साथ ही एक ज्वाइंट कमेटी और ज्वाइंट बिजनेस काउंटी बनाने पर भी सहमति बनी है। जुलाई 2026 में मस्कट और किगाली के बीच SalamAir की उड़ानों की शुरुआत के बाद से यह कदम दोनों देशों के रिश्तों में एक और मील का पत्थर साबित हुआ है। हालांकि इस लेबर समझौते से तुरंत इकामा के नियमों में कोई बदलाव नहीं आया है, लेकिन यह ओमान के लिए वर्कफोर्स के नए स्रोत तलाशने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। इस पूरी खबर की पुष्टि Oman Foreign Ministry और अन्य विश्वसनीय समाचार माध्यमों द्वारा की गई है, जिसके बारे में अधिक जानकारी Gulfhindi.com पर उपलब्ध है।

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