ओमान के पास टैंकर पर ड्रोन हमले के बाद उत्तर प्रदेश के दो भारतीय नाविक लापता, बचाव कार्य जारी

मस्कट: ओमान के सोहर एंकरेज के पास 11 अक्टूबर 2026 को निकारागुआ ध्वज वाले उत्पाद टैंकर MT पेट्रो डॉल्फिन पर ड्रोन हमला हुआ है। इस हमले के बाद जहाज पर सवार 12 क्रू सदस्यों में से दो भारतीय नाविक लापता हैं, जबकि अन्य दस लोगों को स्थानीय मछुआरों की नावों की मदद से बचा लिया गया। लापता नाविकों की पहचान उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी 26 वर्षीय बीर बहादुर यादव और कुशीनगर निवासी अमित सिंह (उम्र 20 या 25 वर्ष) के रूप में हुई है। ओमान कोस्ट गार्ड द्वारा 16 अक्टूबर तक खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
अमित सिंह के चाचा और मर्चेंट नेवी के पूर्व सेकंड ऑफिसर रवींद्र सिंह ने जहाज के भारतीय कप्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कप्तान ने आपातकालीन प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया और बिना किसी गहन तलाशी या हेडकाउंट के निकासी का आदेश दे दिया। आरोप है कि इस वजह से घायल या बेहोश नाविक जहाज पर ही छूट गए होंगे। रवींद्र सिंह ने यह भी दावा किया कि जहाज के मुख्य और आपातकालीन जनरेटर काम नहीं कर रहे थे, जिससे आग बुझाने के प्रयासों में बाधा आई।
लापता नाविकों के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि अमित सिंह जनवरी में जहाज पर शामिल हुए थे और उन्हें कई महीनों का वेतन नहीं मिला था। वहीं, बीर बहादुर यादव अपनी पहली असाइनमेंट पर करीब पांच महीने से ट्रेनर इंजन रेटिंग के तौर पर काम कर रहे थे। बीर के भाई मंटू यादव के मुताबिक, बीर ने हमले से पहले क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर डर जताया था और नौ महीने के कॉन्ट्रैक्ट को बीच में ही छोड़ने की बात कही थी।
दूसरी ओर, जहाज के कप्तान ने भारतीय दूतावास और शिपिंग कंपनी के माध्यम से बताया कि ड्रोन हमले के बाद क्रू ने मदद मांगी और मछुआरों ने उन्हें बचाया। कप्तान का दावा है कि बचाव नावों ने टैंकर के दो चक्कर लगाए और लापता नाविकों को पुकारा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला और विस्फोट के डर से उन्हें वहां से हटना पड़ा। कंपनी ने बकाया वेतन देने और बचाए गए क्रू सदस्यों को वापस भेजने का वादा किया है।
फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने इस मामले में बरती गई प्रतिक्रिया पर असंतोष जताया है। यूनियन ने इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) से बेहतर समन्वय और हाई-इंटेंसिटी सर्च टीमों की तैनाती की मांग की है।
यह घटना 10 अक्टूबर 2026 को हुए एक अन्य हमले के बाद हुई है, जिसमें रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती मिसाइल हमले में हैदराबाद के 46 वर्षीय आईटी इंजीनियर मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई थी। 16 अक्टूबर को भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में GCC देशों में रहने वाले करीब 1 करोड़ भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया और नाविकों के लिए एक आपातकालीन सहायता नेटवर्क बनाने की मांग की।