विदेशी देशों और उनके नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट करने वालों को ओमान पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने दी सख्त चेतावनी

ओमान पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने सोशल मीडिया पर विदेशी देशों और उनके नेताओं के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

Vandana Upadhyay25 October 20262 min read0 viewsOman
विदेशी देशों और उनके नेताओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट करने वालों को ओमान पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने दी सख्त चेतावनी

मस्कट: ओमान पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर विदेशी देशों, उनके नेताओं या राजनयिक प्रतिनिधियों का अपमान करने वालों को चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने साफ किया है कि ऐसी गतिविधियों को साइबर अपराध कानूनों के तहत गंभीर अपराध माना जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

25 अक्टूबर 2026 को जारी इस चेतावनी में लोगों को सलाह दी गई है कि वे ऑनलाइन व्यवहार में समझदारी और जागरूकता बरतें। प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर की गई ऐसी टिप्पणियां ओमान के विदेशी संबंधों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

यह कार्रवाई रॉयल डिक्री नंबर 61/2026 द्वारा लागू साइबर अपराध कानून की धाराओं 20, 23 और 26 के तहत की जाएगी। कानून की धारा 26 के मुताबिक, किसी विदेशी राज्य के प्रमुख, सरकार के प्रमुख या ओमान में मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि को सार्वजनिक रूप से चुनौती देना या बदनाम करना अपराध है।

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इस धारा का उल्लंघन करने वालों को छह महीने से तीन साल तक की जेल हो सकती है। इसके साथ ही 1,000 से 5,000 ओमानी रियाल तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

साइबर अपराध कानून में अन्य डिजिटल अपराधों के लिए भी कड़े प्रावधान हैं। सार्वजनिक व्यवस्था और नैतिकता को नुकसान पहुंचाने या भ्रामक जानकारी फैलाने पर एक से तीन साल की जेल और 3,000 ओमानी रियाल तक का जुर्माना हो सकता है।

अगर किसी व्यक्ति का मकसद नस्लवाद, सांप्रदायिक विभाजन या विवाद भड़काना पाया जाता है, तो सजा तीन से दस साल की जेल और 10,000 ओमानी रियाल तक के जुर्माने में बदल सकती है।

कानून में व्यक्तिगत गोपनीयता और डिजिटल अखंडता की सुरक्षा के भी नियम हैं। बिना अनुमति के डिजिटल मीडिया में बदलाव करने या किसी के निजी जीवन की जानकारी सार्वजनिक करने पर तीन साल तक की जेल और 5,000 ओमानी रियाल का जुर्माना लग सकता है।

पब्लिक प्रॉसिक्यूशन डिजिटल गतिविधियों की लगातार निगरानी कर रहा है। इससे पहले भी विभाग ने ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग और निजी सामग्री को बिना अनुमति साझा करने के संबंध में एडवाइजरी जारी की थी।

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