OPEC प्लस देशों ने तेल उत्पादन और समुद्री सुरक्षा पर किया मंथन

वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रमुख तेल उत्पादक देशों ने एक बार फिर से प्रतिबद्धता जताई है। हाल ही में OPEC प्लस के सात प्रमुख देशों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की मौजूदा स्थितियों की समीक्षा करने के लिए एक वर्चुअल बैठक का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सितंबर 2026 के उत्पादन स्तर को नवंबर 2026 तक बरकरार रखा जाएगा।
उत्पादन स्तर को रखने का फैसला
समीक्षा बैठक में शामिल प्रमुख देशों जैसे सउदी अरब, रूस, इराक, कुआंवित, कजाखस्तान, अल्जीरिया और ओमान ने वैश्विक बाजार की माँग और आपूर्ति के संतुलन पर विस्तार से चर्चा की। सभी भागीदार देशों की सहमति से यह तय किया गया कि फिलहाल उत्पादन के स्तर में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, जिससे बाजार में स्थिरता बनी रहे।
समुद्री सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर चिंता
इसी दिन संयुक्त मंत्रिस्तरीय निगरानी समिति (JMMC) की 68वीं बैठक भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित की गई। इस सत्र के दौरान समिति ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाने के लिए 'डिक्लरेशन ऑफ कोऑपरेशन' (DoC) की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
चर्चा के दौरान JMMC ने ऊर्जा बुनियादी ढाँचों पर होने वाले हमलों और समुद्री बाधाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। समिति ने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं से न केवल भारी वित्तीय नुकसान होता है बल्कि मरम्मत में लंबा समय लगने के कारण ऊर्जा आपूर्ति भी बाधित होती है।
आपूर्ति सुरक्षा और आगे की निगरानी
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समुद्री मार्गों और आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया, तो इससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता और बढ़ सकती है। समिति ने यह भी पुष्टि की कि वे उत्पादन समायोजन और बाजार की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए रखेंगे। जरूरत पड़ने पर भविष्य में अतिरिक्त बैठकें बुलाने का अधिकार भी समिति के पास सुरक्षित है।