ओपेक ने 2027 में तेल मांग का अनुमान बढ़ाया, सऊदी उत्पादन बढ़ा

रियाद (सऊदी अरब): तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक ने 2027 के लिए तेल मांग वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर प्रति दिन 25.5 लाख बैरल कर दिया है। पहले यह अनुमान 23.6 लाख बैरल प्रतिदिन था।
संगठन की मासिक तेल बाजार रिपोर्ट मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को जारी हुई। रिपोर्ट के मुताबिक इस बढ़ोतरी की वजह 2026 की वह मांग है जो टलकर 2027 में सामने आएगी। ईरान से जुड़े चल रहे संघर्ष के कारण घटे तेल भंडार भरने की जरूरत इसी मांग को आगे बढ़ा रही है।
रिपोर्ट में 2027 में कुल वैश्विक तेल मांग 10 करोड़ 83 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंचने का अनुमान दिया गया है। इसके उलट ओपेक ने 2026 के लिए मांग वृद्धि का अनुमान लगातार छठे महीने घटाया है। अब यह 18 लाख से 40 लाख बैरल प्रतिदिन के बीच रहने का अनुमान है।
ओपेक महासचिव हैथम अल-घैस ने रियाद में 25वीं विश्व पेट्रोलियम कांग्रेस के दौरान कहा कि 2026 की स्थगित मांग 2027 में दिखने की उम्मीद है। उन्होंने इसी संदर्भ में मांग के आगे खिसकने की बात रखी।
उसी समय सऊदी अरब ने ओपेक को बताया कि सितंबर में उसका कच्चा तेल उत्पादन 83.72 लाख बैरल प्रतिदिन रहा। यह अगस्त से 20 लाख बैरल प्रतिदिन से ज्यादा की बढ़ोतरी है। यह सुधार अगस्त में दर्ज 30 साल के निचले स्तर के बाद आया है।
सऊदी अरब ने इस सुधार की वजह लाल सागर की उस पाइपलाइन से तेल प्रवाह फिर शुरू होना बताया है, जिसे पहले यमन के हूती विद्रोहियों ने निशाना बनाया था। इसके अलावा ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की मरम्मत के बाद फारस की खाड़ी के निर्यात टर्मिनलों पर लदान बढ़ा है।
ओपेक+ गठबंधन का कुल कच्चा उत्पादन सितंबर में लगभग 9 लाख से 9.2 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़कर 39.07 करोड़ बैरल प्रतिदिन हो गया। वहीं रूस का उत्पादन 38 हजार बैरल प्रतिदिन घटकर 86.43 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया। इस गिरावट को रूस के ऊर्जा ढांचे पर यूक्रेन के लगातार हमलों से जोड़ा गया है।
4 अक्टूबर 2026 की वर्चुअल बैठक के बाद सऊदी अरब और रूस सहित ओपेक+ के सात देशों के उप-समूह ने पुष्टि की है कि नवंबर 2026 के लिए उत्पादन स्तर नहीं बदलेगा।