ओपनएआई मुख्यालय में जासूसी डिवाइस लगाने का आरोपी सऊदी इंजीनियर

अमेरिका: अमेरिकी अभियोजकों ने आरोप लगाया है कि ओपनएआई जासूसी मामले में गिरफ्तार अब्दुलरहमान अल्फोज़ान ने गिरफ्तारी से पहले अपने लिए, पत्नी और एक अन्य परिजन के लिए 12 अक्टूबर 2026 की सऊदी अरब की वन-वे उड़ान बुक की थी।
न्याय विभाग ने 13 अक्टूबर को आपराधिक शिकायत सार्वजनिक की। अभियोजकों ने 8 अक्टूबर को इसे सील रखने का अनुरोध किया था, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि जांच की जानकारी मिलने पर वह देश छोड़ सकता है।
35 वर्षीय अल्फोज़ान सऊदी नागरिक है और जुलाई 2025 से ओपनएआई में इंजीनियर के रूप में काम कर रहा था। एफबीआई ने उसे 9 अक्टूबर को गिरफ्तार किया, और उसी दिन कंपनी ने उसकी नौकरी समाप्त कर दी।
ओपनएआई के कर्मचारियों को लगभग 30 सितंबर को एक रिकॉर्डिंग डिवाइस मिली थी। जांच में पता चला कि इसे लगभग 28 सितंबर को लगाया गया था।
कंपनी के अनुसार, उसने जिम्मेदार कर्मचारी की पहचान के लिए अपनी ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक का इस्तेमाल किया। कंपनी ने यह भी कहा कि ग्राहकों के डेटा, मॉडल वेट या सोर्स कोड तक किसी अनधिकृत पहुंच के संकेत नहीं मिले हैं।
अल्फोज़ान पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से मौखिक बातचीत को चोरी-छिपे सुनने का आरोप है। इस अपराध में अधिकतम पांच साल की जेल, 2,50,000 डॉलर का जुर्माना और तीन साल की निगरानी में रिहाई का प्रावधान है।
एफबीआई निदेशक काश पटेल ने कहा कि आरोपी कथित तौर पर ओपनएआई की "सुपर इंटेलिजेंस तकनीक" से जुड़ी संवेदनशील जानकारी हासिल करना चाहता था। राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जे क्ले ने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय बताया और इसे प्रशासन की सुपर इंटेलिजेंस नवाचार से जुड़ी व्यापक नीति से जोड़ा।
अल्फोज़ान ने 13 अक्टूबर को अदालत में पहली पेशी दी। उसके वकील विलियम पर्निक ने कहा कि आरोप उसके स्वभाव से मेल नहीं खाते और उनका मुवक्किल अभी निर्दोष माना जाना चाहिए। उसकी जमानत या हिरासत पर सुनवाई 19 अक्टूबर को मजिस्ट्रेट जज एलेक्स जी. त्से के सामने होगी।