OpenAI अधिकारी रॉड सोलाइमानी बोले- AI इंफ्रास्ट्रक्चर में UAE पूरी दुनिया के लिए मिसाल
OpenAI के अधिकारी रॉड सोलाइमानी ने UAE के साथ AI इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा सहयोग की सराहना की। जानिए क्या हैं नए समझौते।

अबू धाबी: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने जिस तरह से बुनियादी ढांचे और तकनीक को अपनाया है, वह पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। OpenAI के मध्य पूर्व और मध्य एशिया (MENA) के लिए पॉलिसी और पार्टनरशिप लीड रॉड सोलाइमानी ने यूएई को AI एकीकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए एक ग्लोबल मॉडल बताया है।
एमिरेट्स न्यूज एजेंसी (WAM) से बात करते हुए सोलाइमानी ने 4 नवंबर, 2026 को कहा कि यूएई के साथ कंपनी की यह साझेदारी तीन साल के रणनीतिक सहयोग का नतीजा है। उन्होंने बताया कि OpenAI और यूएई अधिकारियों के बीच बातचीत 2023 में शुरू हुई थी। उस समय मुख्य चर्चा कंप्यूटिंग चिप्स, ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता और समाज के फायदे के लिए AI तकनीक को लागू करने की क्षमता पर केंद्रित थी।
सोलाइमानी के मुताबिक, यह सहयोग अब एक व्यापक ढांचे में बदल चुका है जिसमें ऊर्जा, सरकारी सक्षमता, निवेश और AI की तैनाती शामिल है। उन्होंने यूएई के रणनीतिक विजन की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के पार्टनर्स ने केवल लंबी अवधि की सैद्धांतिक योजना बनाने के बजाय महत्वाकांक्षी और व्यावहारिक कार्यान्वयन पर जोर दिया है।
हाल ही में OpenAI ने अबू धाबी की सरकारी, ऊर्जा, निवेश और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की संस्थाओं के साथ चार नए समझौतों की घोषणा की है। इस साझेदारी का एक मुख्य हिस्सा मानव पूंजी का विकास है, जिसके तहत कर्मचारियों को AI टूल्स उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि इंजीनियरिंग क्षमताओं और परिचालन दक्षता को बढ़ाया जा सके।
ऊर्जा क्षेत्र पर चर्चा करते हुए सोलाइमानी ने बताया कि AI के एकीकरण से परिचालन लागत कम होने और समग्र प्रदर्शन में सुधार होने की उम्मीद है। उन्होंने ADIPEC 2026 के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि AI का विस्तार सीधे तौर पर ऊर्जा की उपलब्धता से जुड़ा है, क्योंकि इस तकनीक के लिए भारी कंप्यूटिंग पावर की जरूरत होती है जिसे विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति से ही पूरा किया जा सकता है।
सोलाइमानी ने दोहराया कि OpenAI का लक्ष्य AI के लाभों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यूएई के साथ संबंध आपसी विश्वास और साझा महत्वाकांक्षा का प्रतिबिंब हैं। तेजी से हो रही वैश्विक तकनीकी प्रगति के बीच इस तरह की साझेदारियों को बनाए रखना कंपनी के लिए बेहद जरूरी है।