ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन में यमन सेना ने 800 हूती लड़ाकों को ढेर किया और 190 सैन्य वाहनों को तबाह किया

यमन: यमन की सेना ने ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन के तहत एक बड़े हमले में करीब 800 हूती लड़ाकों को खत्म कर दिया है। सेना ने इस कार्रवाई के दौरान 190 से ज्यादा सैन्य वाहनों और युद्ध उपकरणों को भी पूरी तरह तबाह कर दिया।
यमन सशस्त्र बलों के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल माजेद अल-नज़िली ने बताया कि पिछले 24 घंटों के भीतर 1,417 सटीक हमले किए गए। इन हमलों में हूतियों के ठिकानों, किलेबंदी, खाइयों, फायरिंग पॉइंट्स और ड्रोन लॉन्च साइटों को निशाना बनाया गया।
इस सैन्य अभियान की शुरुआत 5 अक्टूबर 2026 को प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के प्रमुख रशाद अल-अलीमी ने की थी। इस ऑपरेशन का मुख्य मकसद सरकारी संस्थानों को फिर से बहाल करना और सना शहर को आजाद कराना है।
हालिया कार्रवाई में सरकारी बलों ने पूर्वी मोर्चे पर अपना नियंत्रण बढ़ाया है और ताइज़ में हूतियों के हमलों को नाकाम किया है। हालांकि, संघर्ष अब भी जारी है और ताइज़ के मकबनाह जिले में हूतियों की गोलाबारी में 8 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 6 अन्य घायल हुए हैं।
हूतियों ने अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और बद्र सैन्य कैंप को भी निशाना बनाया। इस बीच सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हवाई मदद प्रदान की, जिसमें सादा में दो बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म नष्ट किए गए और रियाद व अन्य क्षेत्रों की ओर आ रहे चार ड्रोन को रोका गया।
कर्नल अल-नज़िली ने कहा कि सभी ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत किए जा रहे हैं। उन्होंने स्थानीय निवासियों को जबरन भर्ती के खिलाफ चेतावनी भी दी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रिटेन के विदेश सचिव एड मिलिबैंड ने प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल को अपना समर्थन दिया और हथियारों की तस्करी रोकने का वादा किया। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान इस संघर्ष में मध्यस्थता के लिए तैयार है।