ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन: सऊदी गठबंधन का बड़ा हमला, 100 लड़ाकू विमानों ने मचाई तबाही

Nura Basta6 October 20262 min read0 viewsYemen
ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन: सऊदी गठबंधन का बड़ा हमला, 100 लड़ाकू विमानों ने मचाई तबाही

यमन में हुथी विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने एक बेहद आक्रामक अभियान शुरू किया है, जिसे 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' का नाम दिया गया है। इस बड़े सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य हुठियों के कब्जे वाले इलाकों और सरकारी संस्थानों को वापस पाना है, ताकि राजधानी सना को पूरी तरह से मुक्त कराया जा सके। गठबंधन ने इस मिशन में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और 100 लड़ाकू विमानों को तैनात किया गया है जो यमनी सरकारी बलों को हवाई कवर दे रहे हैं।

गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने जानकारी दी कि इस ऑपरेशन के तहत अब तक 324 हाई-वैल्यू टारगेट को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। उन्होंने साफ किया कि गठबंधन न केवल जमीनी बलों की मदद कर रहा है, बल्कि बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे निगरानी और सुरक्षा प्रदान कर रहा है। अल-मल्की ने संकल्प लिया कि जब तक हुथी तत्वों का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता, यह सैन्य सहायता जारी रहेगी।

जमीनी मोर्चे पर बड़ी कामयाबी और अंतरराष्ट्रीय समर्थन

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यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी ने इस ऑपरेशन की शुरुआत की पुष्टि की है। इस हमले में 'सदर्न जाइंट्स ब्रिगेड' और 'नेशन्स शील्ड' जैसे शक्तिशाली जमीनी बलों को उतारा गया है। सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नुजायली के अनुसार, सरकारी सैनिकों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंडेब क्षेत्र और धुबाब हवाई अड्डे पर कब्जा कर लिया है। इस कदम से धुबाब और मोचा के बीच हुठियों का सप्लाई रूट पूरी तरह कट गया है।

सैन्य आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 1,122 सटीक हवाई हमले किए गए हैं, जिनमें करीब 1,747 हुथी लड़ाकों के मारे जाने की खबर है। इस पूरे अभियान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल तेज है। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने 'मक्का पैक्ट' (Mecca Pact) को सक्रिय कर दिया है, जो एक पारस्परिक रक्षा समझौता है। वहीं, अमेरिका खुफिया जानकारी, टारगेट पहचान और हवाई रिफ्यूलिंग के जरिए इस ऑपरेशन में मदद कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि सऊदी समर्थित बल अपने क्षेत्रों को वापस पाने के लिए काम कर रहे हैं।

दूसरी ओर, हुथी विद्रोहियों ने भी पलटवार करते हुए रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अरामको ऑयल रिफाइनरी पर हमलों का दावा किया है। इस बढ़ती हिंसा के बीच संयुक्त राष्ट्र ने गहरी चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2022 के युद्धविराम के टूटने के बाद से हिंसा इतनी बढ़ी है कि अब तक 1.84 लाख से अधिक नागरिक विस्थापित हो चुके हैं। गठबंधन अब होदेइदा में हथियारों के डिपो को निशाना बना रहा है ताकि लाल सागर के शिपिंग रूट पर हमलों को रोका जा सके।

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