ऑपरेशन फज्र अल-यमन: हूथी भर्ती के खिलाफ यमनी सेना की सख्त चेतावनी

यमन में तनाव एक बार फिर चरम पर है। यमनी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ, लेफ्टिनेंट जनरल सगीर बिन अजीज ने परिवारों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों को 'हूथी मिलिशिया की आग' में झोंकने न दें। जनरल अजीज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग हूथी आंदोलन के साथ जुड़ रहे हैं, उनका अंत निश्चित विनाश के रूप में होगा।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब यमन में ऑपरेशन फज्र अल-यमन (यमन की सुबह) पूरी रफ्तार से चल रहा है। यमनी राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी द्वारा घोषित यह बड़ा सैन्य अभियान शांति प्रयासों की विफलता के बाद एक रणनीतिक बदलाव है। इस ऑपरेशन का मुख्य लक्ष्य राजधानी सना को मुक्त कराना, सरकारी संस्थानों को बहाल करना और ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों से सभी यमनी क्षेत्रों को वापस लेना है।
रणनीतिक जीत और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप
सरकारी सेना ने इस अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण इलाकों पर अपना कब्जा जमा लिया है। रक्षा सहायक मंत्री मेजर जनरल समीर अल-सबरी के अनुसार, रणनीतिक बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य, धुबाब हवाई अड्डा और मोखा शहर को सुरक्षित कर लिया गया है। यह पूरी कोशिश सभी प्रांतों में राज्य के अधिकार को फिर से स्थापित करने के लिए की जा रही है।
वहीं, सलाहकार अब्दुल-मालिक अल-मिखलाफी ने युद्ध क्षेत्रों के नागरिकों से सेना का समर्थन करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि धुबाब जैसे जिलों में हूथी लड़ाके अब चारों तरफ से घिर चुके हैं और उनमें से कई आत्मसमर्पण करने या भागने की कोशिश कर रहे हैं।
दूसरी ओर, सना में मौजूद हूथी प्रशासन ने एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र को 'नो-फ्लाई ज़ोन' घोषित कर दिया है, जिसे वे सैन्य अभियानों का क्षेत्र बता रहे हैं। यह स्थिति 2015 के बाद पहली बार इतनी गंभीर हुई है। इस बीच, अमेरिका ने भी इस संघर्ष में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है। अमेरिका ने सऊदी अरब के साथ सुरक्षा समझौतों और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखने की आवश्यकता का हवाला दिया है। यमनी सशस्त्र बल लगातार हूथी उपकरणों और कर्मियों पर किए गए हमलों के सबूत साझा कर रहे हैं, जिससे यह साफ है कि सेना अब निर्णायक बढ़त बनाने की कोशिश में है।