यमन की सेना ने ऑपरेशन फज्र यमन के तहत हूती मिलिशिया पर हमले तेज किए और 430 से ज्यादा लड़ाकों को ढेर किया

यमन: यमनी सशस्त्र बलों ने हूती मिलिशिया के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। 16 अक्टूबर 2026 को सेना ने ऑपरेशन फज्र यमन के तहत हूती सैन्य ठिकानों पर 1,292 सटीक हमले किए।
यमन की सेना के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नुज़ैली ने बताया कि इन ऑपरेशनों में 430 से ज्यादा हूती मिलिशिया सदस्य मारे गए हैं। इसके अलावा 100 से अधिक सैन्य वाहनों और उपकरणों को नष्ट या क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।
कर्नल अल-नुज़ैली के मुताबिक, सेना ने हूती के कई फील्ड कमांडरों को भी पकड़ लिया है, जिनके खिलाफ सैन्य और कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने हूती नियंत्रित क्षेत्रों के परिवारों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को बाहरी एजेंडे के लिए जबरन भर्ती होने से बचाएं।
यह सैन्य अभियान 5 अक्टूबर 2026 को शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य संस्थानों को बहाल करना और सना को मुक्त कराना है। इस दौरान सेना ने रक्षा किलेबंदी, आपूर्ति मार्गों और रिजर्व असेंबली क्षेत्रों को निशाना बनाया है।
मारीब के पूर्वी मोर्चे पर सेना ने सटीक गोलाबारी की मदद से रणनीतिक ऊंचाइयों और महत्वपूर्ण ठिकानों पर कब्जा कर लिया है। वहीं दक्षिणी और पश्चिमी मोर्चों पर दुश्मन के संसाधनों को खत्म करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
तैज़ में 'कोअलिशन टू सपोर्ट लेजिटिमेसी' के समर्थन से किए गए हवाई हमलों में हूती मिलिशिया के सुदृढ़ीकरण काफिलों को नष्ट कर दिया गया। अब सैन्य इंजीनियरिंग इकाइयां वापस लिए गए इलाकों से बारूदी सुरंगों और विस्फोटक उपकरणों को हटा रही हैं ताकि आपूर्ति मार्ग सुरक्षित हो सकें।
यह पूरा अभियान मिलिशिया की परिचालन क्षमता को कमजोर करने के लिए चलाया जा रहा है। यह कदम क्षेत्रीय अस्थिरता को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2216 को लागू करने की बार-बार की गई मांगों के अनुरूप है।