ऑपरेशन यमन डॉन के तहत यमनी सेना ने हमले तेज किए और 24 घंटे में 1392 बार निशाना बनाया
यमनी सेना ने ऑपरेशन यमन डॉन के तहत 24 घंटे में 1392 हमले किए। हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के ठिकानों को भी निशाना बनाया।

सना: यमनी सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन यमन डॉन के तहत अपनी सैन्य गतिविधियों में भारी बढ़ोतरी की है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 23 अक्टूबर 2026 को खत्म हुए पिछले 24 घंटों के भीतर कुल 1392 टारगेट ऑपरेशन चलाए गए हैं।
इससे पहले 22 अक्टूबर को भी भीषण लड़ाई देखी गई थी। सेना ने उस दिन 780 हमलों की घोषणा की थी, जिसमें दावा किया गया कि 512 हूती लड़ाकों और कमांडरों को खत्म कर दिया गया। इसके अलावा 330 से ज्यादा सैन्य वाहनों और सैनिकों को ले जाने वाले ट्रांसपोर्ट्स को नष्ट या क्षतिग्रस्त किया गया है।
ऑपरेशन यमन डॉन की शुरुआत 5 अक्टूबर 2026 को हुई थी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राजधानी सना को मुक्त कराना और सरकारी संस्थानों को फिर से बहाल करना है। हाल के ऑपरेशनों में उत्तरी मोर्चों, अल-जौफ, पश्चिमी मारिब और अल-बयदा में हूती फील्ड कमांडरों, सप्लाई रूट और मजबूत किलाबंद ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
सैन्य प्रवक्ता कर्नल माजेद अल-नुज़यली ने कहा कि क्षेत्रीय तनाव के बावजूद यह अभियान अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन कर रहा है।
दूसरी तरफ हूती बलों ने भी हमलों में तेजी दिखाई है। हूतियों ने 22 अक्टूबर को रियाद में सऊदी रक्षा मंत्रालय, यनबू में अरमको सुविधाओं और दम्माम में किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमले करने का दावा किया। दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हमले में दो नागरिकों की मौत हो गई। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद और मदीना के ऊपर चार ड्रोन को रोकने की पुष्टि की है।
इसी बीच यमन के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल ताहिर अल-अकीली ने 22 अक्टूबर को एक औपचारिक माफी मांगी। उन्होंने नागरिक जमावड़े को चेतावनी देने वाले एक पिछले मंत्री स्तर के बयान को गलत और अस्वीकार्य बताया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूरोपीय संसद ने हूतियों को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग की है। वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने नागरिकों, खासकर ताइज़ की घेराबंदी से प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए युद्ध को तुरंत रोकने की अपील की है।