सऊदी अरब में फंसे 4 हजार भारतीय उमराह यात्रियों को वापस लाने के लिए ओवैसी ने केंद्र से मांगी मदद
असदुद्दीन ओवैसी ने सऊदी अरब में फंसे 4,000 भारतीय उमराह यात्रियों को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार से विमान भेजने की मांग की है।

कैराना (उत्तर प्रदेश): एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से सऊदी अरब में फंसे 4,000 भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए तुरंत विमान भेजने की मांग की है। रविवार को उत्तर प्रदेश के कैराना में एक रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि उमराह के लिए गए ये लोग वहां बेहद मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं।
ओवैसी ने बताया कि वहां फंसे कई लोग बीमार हैं और उन्हें खाने-पीने की चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रैवल एजेंटों को इन लोगों की परेशानी से कोई खास सरोकार नहीं है। हैदराबाद के सांसद ने चेतावनी दी कि अगर अगले तीन-चार दिनों तक स्थिति नहीं सुधरी, तो इन मजबूर लोगों को बुनियादी जरूरतों और भोजन के लिए भीख मांगनी पड़ सकती है।
रैली के दौरान ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाह दी कि वे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपनी करीबी दोस्ती पर पुनर्विचार करें, क्योंकि यह आगे चलकर उनके लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी बात करने को कहा ताकि मध्य-पूर्व में युद्ध को टाला जा सके।
ओवैसी के मुताबिक, अगर क्षेत्र में युद्ध छिड़ता है तो भारत को इसका नुकसान होगा और पेट्रोल व गैस की कीमतें बढ़ जाएंगी। उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति में वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी खतरा पैदा हो जाएगा, इसलिए भारत के हित में शांति की अपील करना जरूरी है।
इस बीच, रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने 10 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले के बारे में जानकारी दी। दूतावास के मुताबिक, घायल भारतीयों में से दो का इलाज आईसीयू में और दो का सामान्य वार्ड में चल रहा है। सात लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है, जबकि एक भारतीय नागरिक की इस हमले में जान चली गई, जिनका अंतिम संस्कार 12 अक्टूबर को रियाद में किया गया।
जेद्दा में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने उन उमराह यात्रियों के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है जिनकी यात्रा रद्द हो गई है। जेद्दा और मक्का में चौबीसों घंटे कंट्रोल रूम चलाए जा रहे हैं और स्थानीय भारतीय समुदायों व स्वयंसेवकों की मदद से भोजन और जरूरी दवाइयां पहुंचाई जा रही हैं।
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि सऊदी अरब में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास एयरलाइंस और टूर ऑपरेटरों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं। साथ ही, वीजा वैधता बढ़ाने और प्रस्थान में हो रही देरी जैसी समस्याओं को सुलझाने के लिए सऊदी हज और उमराह मंत्रालय व विदेश मंत्रालय के साथ बातचीत जारी है।