पाकिस्तान और अफगानिस्तान में बढ़ा तनाव, हवाई हमलों के बाद छिड़ा बड़ा कूटनीतिक विवाद.

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पार की हिंसा को लेकर हालात काफी ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। 21 सितंबर 2026 को पाकिस्तान की सेना ने अफगानिस्तान के पूर्वी इलाकों में अचानक हवाई हमले किए, जिसके बाद दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और कूटनीतिक विवाद बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इस पूरी घटना के बाद से सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आम लोगों के मन में डर का माहौल बना हुआ है और हर कोई आने वाले हालातों को लेकर चिंता में है।
पाकिस्तान का पक्ष और हमलों की वजह
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, देश के खैबर पख्तूनख्वा के कोहाट इलाके में एक पुलिस कंपाउंड पर हुए बड़े आतंकवादी हमले के जवाब में ये कार्रवाई की गई थी। इस हमले के बाद पाकिस्तान की सरकार ने अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाकर सटीक हवाई हमले किए। पाकिस्तानी सूचना मंत्रालय ने दावा किया कि इन ऑपरेशनों में 28 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए हैं, जिनमें कई आत्मघाती हमलावर भी शामिल थे। पाकिस्तानी सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने साफ तौर पर कहा कि देश में आतंकवाद को रोकने के लिए ऐसे खुफिया आधारित कदम उठाना बहुत जरूरी हो गया था, क्योंकि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी जैसी ताकतें लगातार सीमा पार से हमले कर रही हैं।
अफगानिस्तान सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया
दूसरी तरफ, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान की तरफ से किए गए इन हमलों को उनके देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है। अफगान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद और उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने मीडिया को बताया कि पाकिस्तान के इन हवाई हमलों में तीन बेकसूर नागरिकों की जान चली गई। मारे जाने वालों में एक पुरुष, एक महिला और एक छोटी बच्ची शामिल है, जबकि कुनार प्रांत में चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अफगान अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि पक्तिका प्रांत में हमलों की वजह से एक घर और एक दुकान को भी काफी नुकसान पहुंचा है। इन घटनाओं से नाराज होकर अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने तुरंत काबुल में तैनात पाकिस्तान के चार्ज डी अफ़ेयर्स को तलब किया और उनके सामने अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की चिंता
इस पूरे मामले में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान यानी UNAMA ने भी अपनी रिपोर्ट जारी की है। संयुक्त राष्ट्र ने कुनार प्रांत में तीन नागरिकों की मौत और चार लोगों के घायल होने की खबर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की है। इसके साथ ही, UNAMA ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पूरी तरह से पालन करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र ने यह भी बताया कि इस साल अकेले सीमा पार की हिंसा में 1,100 से ज्यादा आम नागरिकों के हताहत होने के मामले दर्ज किए गए हैं। अल जजीरा के पत्रकार ओसामा बिन जावेद इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और दोनों देशों की तरफ से एक-दूसरे पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों की कवरेज कर रहे हैं।