हूती संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने तेहरान में ईरानी नेताओं से की मुलाकात

तेहरान: पाकिस्तानी आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर मंगलवार 20 अक्टूबर 2026 को ईरान पहुंचे। उन्होंने यहां ईरानी नेतृत्व के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा, हूती संघर्ष और ईरान व अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को लेकर उच्च स्तरीय बातचीत की।
आसिम मुनीर के साथ पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी भी इस दौरे पर गए हैं। तेहरान और वाशिंगटन के बीच अप्रैल 2026 में हुए युद्धविराम के बाद, जिसकी मध्यस्थता पाकिस्तान ने की थी, मुनीर का यह पांचवां दौरा है।
मुनीर ने राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रज़ाई सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि सऊदी अरब की सुरक्षा इस्लामाबाद के लिए बेहद अहम है और पाकिस्तान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।
बैठकों में मुख्य रूप से हूती मुद्दे पर चर्चा हुई। पाकिस्तानी अधिकारियों ने ईरान को इस बात के लिए मनाने की कोशिश की कि वह विद्रोही समूह पर सऊदी ऊर्जा केंद्रों पर हमले रोकने और शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए दबाव डाले।
दूसरी ओर, ईरानी नेताओं ने अपना रुख सख्त रखा। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन के साथ बातचीत तभी संभव होगी जब अमेरिका अपनी सात शर्तों को पूरा करेगा। इनमें प्रतिबंध हटाना, धमकियां बंद करना और ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी खत्म करना शामिल है।
इस बीच मोहसिन रज़ाई ने स्पष्ट किया कि ईरान की समृद्ध परमाणु सामग्री एक राष्ट्रीय संपत्ति है और इसे निर्यात नहीं किया जाएगा। विदेश मंत्री अब्बास अराघची, जिन्होंने 17 सितंबर को मुनीर से फोन पर बात की थी, इस राजनयिक संवाद में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है। 21 अक्टूबर 2026 को सऊदी अधिकारियों ने रियाद की ओर आने वाली एक हूती बैलिस्टिक मिसाइल को सफलतापूर्वक मार गिराया।
फिलहाल पाकिस्तान और कतर तनाव कम करने के लिए बातचीत का एक नया रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वे जून 2026 के उस समझौता ज्ञापन (MoU) को फिर से सक्रिय करना चाहते हैं, जिसका मकसद क्षेत्रीय संघर्षों का स्थायी समाधान निकालना था।