पाकिस्तान के बलोचिस्तान में बड़ा संकट, कलात और शोरपरुद की पहाड़ियों से शरणार्थी शिविर हटाने का हुआ ऐलान.

Sushma Kumari6 September 20263 min read22 viewsWorld
पाकिस्तान के बलोचिस्तान में बड़ा संकट, कलात और शोरपरुद की पहाड़ियों से शरणार्थी शिविर हटाने का हुआ ऐलान.

बलोचिस्तान के हालात एक बार फिर से तनावपूर्ण होते जा रहे हैं क्योंकि वहां की सरकार और सेना ने एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री मीर सरफराज बुगती ने बलोचिस्तान असेंबली की मीटिंग में यह जानकारी दी कि कलात और शोरपरुद की पहाड़ियों में बने शरणार्थी शिविरों को अब पूरी तरह से हटाया जाएगा। इस कार्रवाई से वहां रहने वाले लगभग 1,000 लोगों के सामने एक नया संकट खड़ा हो गया है, जिन्हें अब सुरक्षित रूप से दूसरी जगह बसाने के लिए पाकिस्तानी सेना एक विशेष अभियान चलाएगी।

शरणार्थी शिविरों को लेकर सरकार का बड़ा दावा

द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री बुगती ने बताया कि साल 1970 के बाद से शोरपरुद के पहाड़ों में शरणार्थी शिविर कभी पूरी तरह से खत्म नहीं हो सके थे, जिसके कारण वहां लगातार गंभीर समस्याएं पैदा हो रही थीं। उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो यह दावा करते हैं कि पहले वहां शांति थी। उनका कहना था कि शांति के उस दौर में भी अंदरखाने जंग की तैयारियां लगातार चल रही थीं। हाल ही में आतंकवादियों ने मस्तुंग इलाके में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर हमला किया था, जिसमें देश के कई जवान शहीद हो गए थे। सरकार का यह मानना है कि स्थानीय लोग अपने निजी बागों में इन आतंकवादियों को पनाह दे रहे हैं, जिसके बाद से सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।

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कई गांवों को खाली करने का सख्त आदेश

सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए नूशकी और मस्तुंग इलाके के बटू, अहमदवाल, हारुनी और जोर्किन जैसे गांवों को अगले दो महीनों के लिए पूरी तरह से खाली करने का सख्त निर्देश जारी किया है। इन सरकारी आदेशों के बाद पाकिस्तानी सेना ने स्थानीय लोगों को उनके घरों और इलाकों से जबरदस्ती बाहर निकालना भी शुरू कर दिया है, जिससे आम जनता में काफी डर और परेशानी का माहौल बना हुआ है। सरकार का यह मानना है कि आतंकवादियों की गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए इन इलाकों की घेराबंदी करना और बागों पर कड़ा पहरा बैठाना बेहद जरूरी हो गया है ताकि इस तरह की वारदातों को दोबारा होने से रोका जा सके।

राजधानी क्वेटा और कोस्टल हाइवे पर लगातार हमले

एक तरफ जहां गांवों को खाली कराया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बलोचिस्तान में हिंसा की घटनाएं भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। द बलोचिस्तान पोस्ट की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी क्वेटा के हजारगंज इलाके में कुछ अज्ञात लोगों ने शालकोट पुलिस थाने को निशाना बनाते हुए उस पर तीन हैंड ग्रेनेड फेंक दिए। इस अचानक हुए हमले की चपेट में आने से एक पुलिसकर्मी और एक आम राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। इससे पहले शनिवार को कोस्टल हाइवे पर गश्त कर रही पाकिस्तानी सेना की एक बख्तरबंद गाड़ी पर कुछ हथियारबंद लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस खतरनाक हमले में सेना के दो सैनिक मौके पर ही मारे गए और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिससे पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ी हुई है।

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