पाकिस्तान ने मदीना में पावर स्टेशन पर हुए हमले की कड़ी निंदा की

मध्य पूर्व में तनाव उस समय और बढ़ गया जब सऊदी अरब के पवित्र शहर मदीना स्थित एक महत्वपूर्ण बिजली वितरण केंद्र को निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में पाकिस्तान ने भी इस आक्रामकता पर अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया है और इस घटना को गंभीर उकसावा करार दिया है।
सऊदी अरब के मदीना में स्थित तैबाह पावर डिस्ट्रीब्यूशन स्टेशन पर हुए इस हमले ने वैश्विक समुदाय का ध्यान खींचा है। यह स्टेशन नागरिक बुनियादी ढांचे का एक अहम हिस्सा है, जो पैगंबर की मस्जिद को बिजली की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। दुनिया भर के करोड़ों मुसलमानों के लिए अत्यंत आदरणीय इस क्षेत्र के करीब इस तरह की हरकत से भारी चिंता व्यक्त की जा रही है।
गंभीर प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय चिंता
सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता ने इस कार्रवाई को एक कायराना आतंकवादी कृत्य बताया है। मलबे की जांच के आधार पर हूथी मिलिशिया को इस घटना के पीछे जिम्मेदार ठहराया गया है। हालांकि एक ट्रांसफार्मर को नुकसान पहुंचने के बावजूद व्यापक विद्युत ग्रिड ने काम करना जारी रखा, लेकिन इस प्रकार के हमलों ने क्षेत्रीय स्थिरता पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। दूसरी ओर, हूथी सैन्य सूत्रों ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है।
पाकिस्तान का कड़ा रुख और एकजुटता
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले की तीव्र शब्दों में भर्त्सना की। बयान में इस बात पर जोर दिया गया है कि दोनों पवित्र मस्जिदों की पवित्रता और वहां आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी कीमत पर इसकी रक्षा की जानी चाहिए। पाकिस्तान ने सऊदी अरब की संप्रभुता और उसकी जनता की रक्षा के प्रति अपनी अटूट एकजुटता और प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है।
अरब लीग और इस्लामिक सहयोग संगठन सहित कई देशों ने भी इस तरह की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों की निंदा की है। क्षेत्रीय सुरक्षा और महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचे पर मंडराते खतरों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तुरंत ऐसे हमलों को रोकने की मांग की जा रही है।