मक्का समझौते पर पाकिस्तान का बड़ा बयान, रक्षा मंत्री बोले- पवित्र शहर की रक्षा के लिए किसी समझौते की ज़रूरत नहीं.

Nura Basta17 September 20263 min read23 viewsSaudi
मक्का समझौते पर पाकिस्तान का बड़ा बयान, रक्षा मंत्री बोले- पवित्र शहर की रक्षा के लिए किसी समझौते की ज़रूरत नहीं.

सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का के पास एक हूथी ड्रोन को हवा में ही गिराए जाने के बाद पाकिस्तान की तरफ से एक बहुत बड़ा और साफ बयान सामने आया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने जियो न्यूज से बात करते हुए बुधवार को यह साफ कर दिया कि मक्का समझौते को लेकर देश में किसी भी तरह की कोई दुविधा या अस्पष्टता नहीं है। उन्होंने बहुत स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान इस समझौते का पूरी तरह से पालन करेगा और अपनी सभी जिम्मेदारियों को बहुत ईमानदारी से पूरा करेगा।

मक्का की सुरक्षा पर क्या बोले रक्षा मंत्री

ख्वाजा आसिफ ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि मुस्लिम पवित्र स्थलों की रक्षा करने की जिम्मेदारी किसी कागजी समझौते से कहीं ज्यादा बढ़कर है। उनका कहना था कि अगर कभी भी मक्का पर किसी भी तरह का हमला होता है, तो उसकी रक्षा करने के लिए किसी खास समझौते की कोई जरूरत नहीं पड़ती है, क्योंकि यह हर मुसलमान का फर्ज है। आपको बता दें कि यह पूरा मामला तब सामने आया जब सऊदी अरब की सेना ने मंगलवार की शाम को मक्का शहर के दक्षिण में एक खतरनाक हूथी ड्रोन को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया था। यह ड्रोन उस प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल होने की कोशिश कर रहा था जहां आम उड़ानों की सख्त मनाही है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

सऊदी-यमन संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव

सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने बताया कि हूथी विद्रोहियों की तरफ से मक्का को निशाना बनाने का यह दूसरा ऐसा प्रयास था। हालांकि, हूथी अधिकारियों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। हूथी सैन्य प्रवक्ता याहिया सरी ने सफाई दी कि उनके संगठन के तमाम हमले केवल सऊदी अरब के तेल अड्डों और सैन्य ठिकानों पर हो रहे हैं और उनका इस्लामिक पवित्र स्थलों को नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है। इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सऊदी अरब की रक्षा के प्रति अपना पूरा समर्थन दोहराया और कहा कि इस मुश्किल वक्त में उनका देश रियाद के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। उन्होंने मक्का पर हुए इस कायराना ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की।

ईरान और क्षेत्रीय कूटनीति पर रुख

ख्वाजा आसिफ ने यह भी जानकारी दी कि पाकिस्तान ने बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब का एक जरूरी संदेश ईरान तक पहुंचा दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक देश के रूप में ईरान इस इलाके में कोई नया मोर्चा नहीं खोलेगा, हालांकि उन्होंने सरकारी अधिकारियों और स्वतंत्र रूप से काम करने वाले समूहों के बीच साफ फर्क बताया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने यह भी चिंता जताई कि इस पूरे विवाद की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंधेब जैसे अहम समुद्री रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे क्षेत्रीय व्यापार के साथ-साथ पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ रहा है। उधर, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने किसी भी इस्लामिक पवित्र स्थल पर होने वाले हमलों की निंदा की है, लेकिन साथ ही ड्रोन हमले के इन दावों पर सावधानी बरतने की बात कही है।

Share:

Comments

Leave a comment