सऊदी अरब पर हूती हमलों की पाकिस्तान और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने की निंदा और सुरक्षा के लिए बैठक की मांग की

रियाद: पाकिस्तान और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने सऊदी अरब के खिलाफ हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की है। दोनों देशों के मंत्रियों ने एक साझा राजनयिक प्रयास के तहत इन हमलों पर चिंता जताई है।
मिलिशिया बलों द्वारा पैदा किए जा रहे बढ़ते सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए उन्होंने एक चतुष्कोणीय बैठक बुलाने की मांग की है। यह कदम क्षेत्र में जारी तनाव और अस्थिरता के बीच उठाया गया है।
इसी बीच 18 अक्टूबर 2026 को नजरान क्षेत्र में सऊदी नेशनल गार्ड का एक AH-6i टोही हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में दो अधिकारियों की मौत हो गई, हालांकि उनके नाम उजागर नहीं किए गए हैं।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के आधिकारिक प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने पुष्टि की कि यह दुर्घटना तकनीकी खराबी के कारण हुई थी। उन्होंने हादसे की वजह तकनीकी समस्या को बताया।
इससे पहले 17 अक्टूबर 2026 को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने दावा किया था कि उनके बलों ने इसी क्षेत्र में एक सऊदी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया है। गठबंधन ने इस दावे को खारिज कर दिया और मेजर जनरल अल-मलिकी ने अपाचे हेलीकॉप्टरों की तस्वीरें जारी कर हूती दावे का खंडन किया।
संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना पर आधिकारिक बयान जारी किया है। यूएई ने सऊदी अरब और मृत अधिकारियों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं और एकजुटता व्यक्त की है।
इन घटनाओं के साथ ही 17 और 18 अक्टूबर 2026 को सऊदी हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा सऊदी क्षेत्र में दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स को रोकने की खबरें भी सामने आई हैं।