बलूचिस्तान के केच और मस्तुंग जिलों में पाकिस्तानी सेना ने आठ लोगों को जबरन गायब किया और घरों में लूटपाट की

बलूचिस्तान: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के केच और मस्तुंग जिलों में अलग-अलग घटनाओं में आठ लोगों को जबरन गायब किए जाने की खबरें आई हैं। द बलूचिस्तान पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इन लोगों को हिरासत में लिया है, जिनका अब तक कोई पता नहीं चला है।
केच के तुम्प इलाके में सुरक्षा बलों ने कोहड के कई घरों पर छापेमारी की। इस दौरान उन्होंने बिलाल, साबित, मरवान और अदील नाम के चार पुरुषों को हिरासत में ले लिया। स्थानीय सूत्रों ने आरोप लगाया है कि छापेमारी के दौरान जवानों ने घरों से गहने, मोटरसाइकिल और अन्य कीमती सामान लूट लिया। साथ ही एक दुकान में तोड़फोड़ कर वहां से सामान भी ले जाया गया।
एक अन्य घटना में 17 अक्टूबर को तुर्बत के आपसर इलाके से दो छात्रों, 24 वर्षीय तय्यब नासिर और 28 वर्षीय पज़ीर नासिर को उनके घर से ले जाया गया। बताया गया है कि पज़ीर नासिर इससे पहले तीन बार जबरन गायब किया जा चुका है और यह चौथी बार है जब उसे उठाया गया है।
मस्तुंग के सरावन टाउन से 15 अक्टूबर को दो भाइयों को हिरासत में लिया गया। अब्दुल रज्जाक के बेटे इज्जतउल्लाह बलोच और आसिफ बलोच पेशे से मैकेनिक हैं। वहीं, एक राहत भरी खबर यह रही कि केच के सरनकान में मुराद जान अपने घर के पास बरामद हुए हैं, जो एक दिन पहले गायब हो गए थे।
क्वेट्टा प्रेस क्लब के बाहर 'द वॉयस फॉर बलूच मिसिंग पर्सन्स' (VBMP) का विरोध प्रदर्शन सोमवार को 6,393वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों में सुहेल बलोच, फसीह बलोच और रियाज सटकज़ई के रिश्तेदार भी शामिल थे, जिन्होंने अधिकारियों से उनकी सुरक्षित वापसी की मांग की। सुहेल और फसीह को 2 नवंबर 2021 को बलूचिस्तान यूनिवर्सिटी से हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद से वे लापता हैं।