पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और लेवी के खिलाफ पाकिस्तान में जमात-ए-इस्लामी ने शुरू किया देशव्यापी विरोध प्रदर्शन

पाकिस्तान में बढ़ती पेट्रोल कीमतों और लेवी के खिलाफ जमात-ए-इस्लामी ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू किया है।

Gautam Sahu24 October 20262 min read0 viewsWorld
पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और लेवी के खिलाफ पाकिस्तान में जमात-ए-इस्लामी ने शुरू किया देशव्यापी विरोध प्रदर्शन

पेशावर (पाकिस्तान): पाकिस्तान में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और पेट्रोलियम लेवी के खिलाफ जमात-ए-इस्लामी (JI) ने अपने देशव्यापी विरोध अभियान का तीसरा चरण शुरू कर दिया है। पार्टी ने खैबर पख्तूनख्वा के कई जिलों में रैलियों, धरनों और सार्वजनिक बैठकों का आयोजन किया है।

यह प्रदर्शन जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान के प्रमुख इंजीनियर हाफिज नईमुर रहमान के निर्देशों पर किए गए। प्रदर्शनकारी पेशावर, मरदान, नाउशेरा, स्वाबी, चारसड्डा और खैबर जैसे इलाकों में सड़कों पर उतरे। पार्टी नेताओं ने साफ किया है कि जब तक सरकार विवादित लेवी वापस नहीं लेती और आम जनता पर आर्थिक दबाव कम करने के कदम नहीं उठाती, तब तक विरोध जारी रहेगा।

पेशावर के हश्तनागरी चौक पर जिला अमीर बहरुल्लाह खान एडवोकेट ने धरने का नेतृत्व किया। मरदान में प्रेस क्लब के बाहर जिला अमीर गुलाम रसूल और खैबर पख्तूनख्वा के केंद्रीय अमीर अब्दुल वसी की अगुवाई में प्रदर्शन हुए। नाउशेरा के शोबरा चौक पर प्रांतीय डिप्टी अमीर खालिद वकास और जिला अमीर हाजी इनायतुुर रहमान प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े रहे।

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स्वाबी के अमन चौक पर जिला अमीर मुफ्ती मुराद अहमद, सईदजादा यूसुफजई और वाजिद अली शाह एडवोकेट ने रैली निकाली। वहीं खैबर में प्रांतीय डिप्टी अमीर मिया सोहैबुद्दीन काकाखेल और जिला अमीर शाह फैसल अफरीदी ने नेतृत्व किया। चारसड्डा के फारूक आजम चौक पर जिला अमीर शाह हुसैन एडवोकेट की अध्यक्षता में एक जनसभा आयोजित की गई।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जमात-ए-इस्लामी के नेताओं ने कहा कि पेट्रोल की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ी है। इससे आम परिवारों की खरीदने की क्षमता कम हो गई है और वे पहले से ही बढ़ती लागत से जूझ रहे हैं। नेताओं ने कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति और बिजली-गैस की किल्लत को भी जनता की मुश्किलों का बड़ा कारण बताया।

पार्टी नेताओं ने यह आरोप भी लगाया कि गवर्नर रूल लागू होने के बाद प्रांतीय सरकार अतिक्रमण विरोधी अभियानों का सहारा ले रही है। उनके मुताबिक, सरकार ऐसा इसलिए कर रही है ताकि लोगों का ध्यान गंभीर आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं से हटाया जा सके।

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