IMF के विरोध के बावजूद पाकिस्तान में जारी रहेगी ईंधन सब्सिडी योजना

पाकिस्तान सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 'प्रधानमंत्री ईंधन राहत योजना' (Prime Minister’s Fuel Relief Scheme) को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के उन सुझावों के विपरीत है, जिसमें इस योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की बात कही गई थी। IMF का मानना है कि यह प्रोग्राम काफी महंगा है और इसके लाभ बहुत बड़े वर्ग को मिल रहे हैं, जिससे सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जानकारी दी कि इस योजना का लाभ लेने वालों की संख्या अब बढ़कर 1 करोड़ से अधिक हो गई है, जो पहले 90 लाख बताई गई थी। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण ईंधन की कीमतों में करीब 50% का उछाल आया है, जिससे पेट्रोल की कीमत 398.96 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। ऐसे में आम जनता को राहत देने के लिए सरकार ने इस सब्सिडी को प्राथमिकता दी है।
योजना का बजट और काम करने का तरीका
इस पूरी स्कीम को लागू करने के लिए सरकार ने 75 अरब पाकिस्तानी रुपये का बजट निर्धारित किया है। इस कार्यक्रम की निगरानी के लिए उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ईशाक डार ने एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें इसके संचालन की रणनीति पर चर्चा हुई। इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने की जिम्मेदारी सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार मंत्रालय की है, जिसका नेतृत्व मंत्री शजा फातिमा ख्वाजा कर रही हैं।
सब्सिडी के नियमों के मुताबिक, मोटरसाइकिल और थ्री-व्हीलर चलाने वाले पात्र लोग हर हफ्ते 500 पाकिस्तानी रुपये की छूट पा सकते हैं, जिसे महीने में अधिकतम चार टोकन तक सीमित रखा गया है। वहीं, 800cc तक की छोटी कारों के मालिकों को हर 10 दिन में 10 लीटर तक के ईंधन पर 100 रुपये प्रति लीटर की छूट मिलेगी, जिससे वे महीने में करीब 3,000 रुपये बचा सकते हैं।
इस योजना का पंजीकरण पूरी तरह मुफ्त है। 20 साल तक पुराने वाहन, जो 1 जनवरी 2006 या उसके बाद पंजीकृत हुए हैं, इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक आवेदकों को अपना राष्ट्रीय पहचान पत्र नंबर, वाहन पंजीकरण विवरण और प्रांत का नाम लिखकर 9771 पर एसएमएस भेजना होगा, जिसके बाद उन्हें एक वेरिफिकेशन टोकन मिलेगा जिसे गैस स्टेशनों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता को देखते हुए सरकार ने जुलाई से ईंधन की कीमतों में दैनिक संशोधन की प्रणाली भी शुरू की है।