Rawalpindi में डिजिटल मीडियाकर्मी Hina Javed की हत्या के बाद पाकिस्तान में फूटा गुस्सा, न्याय की मांग तेज.

पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 45-year-old डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल Hina Javed की उनके ससुराल के घर में बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिसके बाद पूरे देश में महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा को लेकर गुस्सा फूट पड़ा है। यह घटना August 20, 2026 को सामने आई थी जब पुलिस ने मृतका का शव बरामद किया था। इस घटना के सामने आने के बाद से ही आम जनता और महिला अधिकार संगठन सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
घटना की डरावनी सच्चाई और शुरुआती जांच
पुलिस जांच के मुताबिक Hina Javed का शव बहुत ही बुरी हालत में मिला था। उनके हाथ पीछे की तरफ बंधे हुए थे और उन्हें शॉवर से बांध दिया गया था। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्होंने घटनास्थल से एक रस्सी और एक स्क्रूड्राइवर बरामद किया, जिसे पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार माना है। इस मामले की शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह बात सामने आई कि उनकी गर्दन की हड्डी टूटी हुई थी और साथ ही उनकी पसलियों और कूल्हों पर भी गंभीर चोट के निशान मिले थे। मृतका के भाई Fahad Javed Malik ने इस मामले में पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
अदालत में पेशी और आरोपियों के बयान
इस हाई-प्रोफाइल मामले में September 2, 2026 को मुख्य आरोपी पति Faisal Asghar और घरेलू नौकर Zeeshan को रावलपिंडी की न्यायिक मजिस्ट्रेट Nadia Yaqoob की अदालत में पेश किया जाना था। इन दोनों आरोपियों को पहले August 29, 2026 को शारीरिक रिमांड पर भेजा गया था और अब उन्हें न्यायिक हिरासत में अदियाला जेल ट्रांसफर किया जाना तय हुआ था। पुलिस पूछताछ के दौरान नौकर Zeeshan ने कथित तौर पर अपना जुर्म कबूल कर लिया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों और एसएसपी Saifullah का कहना है कि हिरासत में दिए गए ऐसे बयानों को कानूनी रूप से मजबूत मानने के लिए पुख्ता सबूतों और दस्तावेजों की जरूरत होती है। इसके अलावा पुलिस मृतका के ससुर Asghar Ali Fayyaz को भी गिरफ्तार करने की अनुमति मांग रही है, जिन्होंने शुरुआत में घर में चोरी होने की झूठी सूचना दी थी।
जांच के लिए विशेष समिति का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब अभियोजन विभाग ने इस केस को एक हाई-प्रोफाइल मामला घोषित कर दिया है। अदालत और न्याय प्रक्रिया की निगरानी के लिए वरिष्ठ अभियोजकों की एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जिसकी अगुवाई डिप्टी पब्लिक प्रॉसिक्यूटर Rehman Shaukat Bhatti कर रहे हैं। पुलिस ने आगे की जांच के दौरान आरोपी Faisal Asghar के पिछले विवाह से जुड़े मैरिज सर्टिफिकेट और तलाक के कागजात भी कब्जे में ले लिए हैं ताकि उसकी पिछली जिंदगी और हरकतों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा सके।
पाकिस्तान में महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
मृतका की चचेरी बहन और सामाजिक कार्यकर्ता Sabah Bano Malik ने इस घटना को देश में चल रही महिलाओं की हत्या यानी 'फेमीसाइड' की एक बड़ी आपातकालीन स्थिति बताया है और सरकार से तुरंत दखल देने की अपील की है। National Assembly of Pakistan records के अनुसार देश में महिलाओं के खिलाफ घरेलू और लैंगिक हिंसा के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक केवल साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में ही हिंसा के शिकार महिलाओं के 3,172 मामले सामने आए थे। राष्ट्रीय आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि साल 2021 से 2024 के बीच 7,500 से ज्यादा महिलाओं की हत्या की जा चुकी है, जिनमें से 1,553 मौतों को तथाकथित 'ऑनर किलिंग' यानी इज्जत के नाम पर की गई हत्याओं की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष यानी UNFPA के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान में शादीशुदा महिलाओं में से 34% महिलाओं ने कभी न कभी अपने पति द्वारा शारीरिक, यौन या मानसिक हिंसा का सामना किया है। इन भयानक आंकड़ों को देखते हुए Women Democratic Front और Women’s Parliamentary Caucus जैसे कई संगठन अब सरकार से मांग कर रहे हैं कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए जाएं, समय पर जांच के प्रोटोकॉल सुधारे जाएं और देश में एक राष्ट्रीय फेमीसाइड रजिस्टर बनाया जाए ताकि इस तरह के अपराधों पर रोक लग सके। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए National Assembly of Pakistan की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी प्रेस विज्ञप्ति को देखा जा सकता है।