हैदराबाद में गहराया जल संकट: गंदा पानी और सीवरेज से लोग बेहाल

पाकिस्तान के शहर हैदराबाद में बुनियादी सुविधाओं का अभाव अब एक गंभीर संकट बन चुका है। शहर के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोग पानी की भारी किल्लत, दूषित आपूर्ति और सड़कों पर बहते सीवरेज के कारण बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि सिंधु नदी जैसे विशाल जल स्रोत के करीब होने के बावजूद, लोगों को पीने के पानी के लिए निजी टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
शहर के लतीफाबाद, HDA कोहसार हाउसिंग सोसाइटी (फेज I और II), दमन कोहसार, मुजाहिद कॉलोनी, इकबाल कॉलोनी, अमेरिकन क्वार्टर्स और हाली रोड जैसे इलाकों में पानी की समस्या सबसे ज्यादा गंभीर है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सालों से जर्जर और टूटी हुई पाइपलाइनों की मरम्मत नहीं की गई है, जिसके कारण घरों के नलों से बदबूदार और गंदा पानी आ रहा है। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो भी वायरल हुए हैं जिनमें नलों से निकलने वाला पानी पूरी तरह प्रदूषित नजर आ रहा है।
बीमारियों का खतरा और बदहाल बुनियादी ढांचा
सिर्फ पानी की किल्लत ही नहीं, बल्कि शहर का सीवरेज सिस्टम भी पूरी तरह चरमरा गया है। कदमगाह मौला अली रोड जैसे व्यस्त रास्तों पर सुबह से देर रात तक गंदा पानी जमा रहता है, जिससे न केवल पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है, बल्कि स्थानीय व्यापार पर भी बुरा असर पड़ा है।
गंदा पानी और जलभराव अब सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन गया है। सिंध स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल के पहले नौ महीनों में हैदराबाद डिवीजन में मलेरिया के 46,183 मामले दर्ज किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रेनेज सिस्टम की विफलता और जगह-जगह जमा गंदे पानी ने मच्छरों के पनपने और बीमारियों के फैलने में बड़ी भूमिका निभाई है। स्थानीय लोग प्रशासन की इस नाकामी पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर एक बड़े शहर में बुनियादी सुविधाओं का यह हाल क्यों है।