पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी रविवार को जाएंगे ईरान, क्षेत्रीय सुरक्षा पर होगी बड़ी बैठक.

क्षेत्रीय तनाव और कूटनीतिक गतिविधियों के बीच पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री Mohsin Naqvi आने वाले रविवार यानी 20 सितंबर 2026 को ईरान की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इस बात की जानकारी ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने देश के सरकारी टेलीविजन के माध्यम से साझा की है। यह दौरा दोनों पड़ोसी देशों के बीच चल रही उच्च स्तर की बातचीत का एक अहम हिस्सा है, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी हितों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
इस अहम दौरे से ठीक पहले, 19 सितंबर 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi और पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री तथा विदेश मंत्री Mohammad Ishaq Dar के बीच टेलीफोन पर लंबी बातचीत हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में लगातार बदलती सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और रणनीतिक मामलों पर खुलकर विचार-विमर्श किया। ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य फोकस दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है और फिलहाल किसी खास मध्यस्थता संदेश के आदान-प्रदान की कोई आधिकारिक योजना नहीं है।
ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक मध्यस्थता
भले ही ईरानी अधिकारियों ने इस यात्रा को द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित बताया हो, लेकिन कूटनीतिक गलियारों में इसे पाकिस्तान की मध्यस्थता की निरंतर भूमिका से जोड़कर देखा जा रहा है। ईरान के आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता Ali Zainvand ने 19 सितंबर को यह स्पष्ट किया था कि ईरान और अमेरिका के रिश्तों को सुधारने में पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशें अभी भी जारी हैं। उन्होंने अमेरिका से अपील की कि वह पिछले साल जून में हुए फ्रेमवर्क समझौते का पूरा सम्मान करे, क्योंकि यह डील अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक प्रयासों का एक मुख्य केंद्र बनी हुई है।
पाकिस्तान ने इससे पहले भी तेहरान और पश्चिमी देशों के बीच एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। इसी साल जून में हुए 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' यानी Islamabad Memorandum of Understanding को पाकिस्तान ने ही आगे बढ़कर तय कराया था। इस समझौते का मुख्य मकसद क्षेत्र में तनाव को कम करना और महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz को फिर से खोलना था ताकि व्यापार सुचारू रूप से चल सके। हालांकि इसे लागू करने में कुछ व्यावहारिक मुश्किलें जरूर आईं, लेकिन दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने के प्रयास लगातार जारी हैं।
उच्च स्तरीय बैठकों का सिलसिला
ईरान के अधिकारी क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और पश्चिमी देशों द्वारा ईरान की अर्थव्यवस्था को लेकर फैलाई जा रही बातों को खारिज कर रहे हैं। मंत्री Mohsin Naqvi की यह आगामी यात्रा इसी सिलसिले की अगली कड़ी है। इससे पहले भी इस साल मई और जून 2026 में कई उच्च स्तरीय दौरे हो चुके हैं, जिनका मकसद सभी पक्षों के बीच बातचीत के रास्तों को खुला रखना था। इस पूरी स्थिति पर नजर रखने वाले जानकारों का मानना है कि इस यात्रा से क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर कुछ नए रास्ते निकल सकते हैं।