Pakistan News: इस्लामाबाद में PTI के 4 कार्यकर्ता गिरफ्तार, 27 सितंबर के विरोध प्रदर्शन से पहले प्रशासन सख्त.

पाकिस्तान की राजधानी Islamabad में पुलिस ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी PTI के चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई आगामी 27 सितंबर को होने वाले बड़े विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले की गई है। पार्टी की मुख्य मांग जेल में बंद अपने संस्थापक Imran Khan की रिहाई है, जो अगस्त 2023 से जेल की सलाखों के पीछे हैं। इस गिरफ्तारी के बाद राजधानी में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी चौकसी और तैयारियां बहुत अधिक बढ़ा दी हैं। अंग्रेजी अखबार Dawn की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि इन चारों कार्यकर्ताओं को अलग-अलग मामलों और गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधिकारियों पर हमले और गंभीर आरोप
स्थानीय पुलिस को यह गुप्त सूचना मिली थी कि PTI के कुछ कार्यकर्ता ई-16 इलाके में स्थित एक प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय में आगामी 27 सितंबर के प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक गुप्त बैठक कर रहे थे। इस पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और उस स्थान पर छापेमारी की। पुलिस का यह आरोप है कि जब टीम वहां पहुंची तो पार्टी कार्यकर्ताओं ने छापेमारी का कड़ा विरोध किया। पुलिस ने दावा किया कि इन लोगों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की, उनकी वर्दियां फाड़ दीं और उन्हें कुछ समय के लिए बंधक बनाकर रखा।
इस घटना के बाद पुलिस ने एक सब-इंस्पेक्टर की शिकायत पर कई सख्त धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए हैं। इन मामलों में पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 324 यानी हत्या का प्रयास, धारा 506(ii) यानी जान से मारने या गंभीर चोट पहुंचाने की धमकी देना, और धारा 148 तथा 149 के तहत हथियारबंद होकर दंगा करने और गैरकानूनी सभा करने के आरोप शामिल हैं। इसके अलावा लोक सेवकों पर हमला करने और उनके सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में धारा 353 और 186 भी जोड़ी गई हैं।
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी बैठक
राजधानी इस्लामाबाद में किसी भी बड़ी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने कमर कस ली है। हाल ही में सेंट्रल पुलिस ऑफिस में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के दौरान शहर की शांति व्यवस्था को बनाए रखना और किसी भी तरह के व्यवधान को समय रहते रोकना था। पुलिस विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों ने इसमें हिस्सा लिया और सुरक्षा तैयारियों से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अपनी खुफिया जानकारी जुटाने के तंत्र को और अधिक मजबूत कर दिया है। शहर के सभी गेस्ट हाउस, सराय, बस टर्मिनस और उन तमाम संभावित वेंडर्स पर कड़ी नजर रखी जा रही है जो प्रदर्शनकारियों को खाना, पानी, ठहरने की जगह या गाड़ियां मुहैया करा सकते हैं। संबंधित क्षेत्रों के पुलिस थानों को इन सभी ठेकेदारों पर विशेष निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा स्पेशल ब्रांच और आतंकवाद रोधी विभाग जैसी खुफिया विंग्स को भी पूरी तरह से हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
नेताओं और कार्यकर्ताओं के ठिकानों पर कड़ी निगरानी
प्रशासन उन तमाम पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की सूचियां तैयार कर रहा है जिनका रिकॉर्ड पुलिस के पास पहले से मौजूद है। सुरक्षा एजेंसियों ने PTI के उन सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं के घरों के आसपास सुरक्षा और खुफिया पहरा बढ़ा दिया है जहां वे ठहर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह तनाव और बढ़ सकता है क्योंकि प्रशासन किसी भी कीमत पर राजधानी की कानून व्यवस्था को बिगड़ने नहीं देना चाहता है। पुलिस और खुफिया इकाइयां लगातार जमीनी हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि प्रदर्शन से पहले ही हर गतिविधि को नियंत्रित किया जा सके।