शहबाज शरीफ की कैबिनेट ने कुवैत के साथ रक्षा सहयोग समझौते की पुष्टि की
पाकिस्तान की संघीय कैबिनेट ने कुवैत के साथ रक्षा सहयोग समझौते की पुष्टि की है, जिससे दोनों देशों के सैन्य संबंध मजबूत होंगे।

इस्लामाबाद: प्रधानमंत्री मोहम्मद शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में पाकिस्तान की संघीय कैबिनेट ने 4 नवंबर 2026 को कुवैत के साथ एक रक्षा सहयोग समझौते की आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है। इस मंजूरी के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों में एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित हुआ है।
यह समझौता मूल रूप से 11 जून 2023 को हस्ताक्षरित किया गया था। कुवैत सरकार ने इस साल 19 जुलाई 2026 को पहले ही इस पर अपनी औपचारिक सहमति दे दी थी।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य संस्थागत सैन्य संबंधों को गहरा करना है। इसके तहत सैन्य प्रशिक्षण, शिक्षा, खुफिया जानकारी साझा करने और इलेक्ट्रॉनिक संचार प्रणालियों के विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा।
सहयोग के दायरे में वैज्ञानिक अनुसंधान, रक्षा विनिर्माण, सैन्य मीडिया और लॉजिस्टिक्स भी शामिल हैं। साथ ही, सांस्कृतिक और खेल से जुड़ी सैन्य गतिविधियों में विशेषज्ञता का आदान-प्रदान भी किया जाएगा।
समझौते को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दोनों देश एक संयुक्त सैन्य समिति का गठन करेंगे। यह समिति आधिकारिक दौरों की निगरानी, संयुक्त सैन्य अभ्यास के आयोजन और सहकारी कार्यक्रमों के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेगी।
यह समझौता पांच साल की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। इसमें एक ऑटोमैटिक रिन्यूअल क्लॉज शामिल है, जिसके तहत यदि कोई भी पक्ष हटने का नोटिस नहीं देता है, तो यह स्वतः नवीनीकृत हो जाएगा।
दोनों सरकारों ने संवेदनशील सैन्य जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई है। किसी भी संभावित विवाद को राजनयिक बातचीत के जरिए सुलझाने पर सहमति बनी है।