पाकिस्तान में एलपीजी डीलरों की हड़ताल से गहराया संकट, ईरान सीमा बंद होने से बढ़ी किल्लत और आसमान छूने लगे दाम
पाकिस्तान में एलपीजी डीलरों की हड़ताल और ईरान सीमा बंद होने से गैस की भारी किल्लत हो गई है, जिससे सिलेंडर के दाम आसमान छू रहे हैं।

लाहौर: पाकिस्तान में खाना पकाने वाली गैस की भारी किल्लत हो गई है। लाहौर समेत कई शहरों में करीब 5,500 से 6,000 एलपीजी रिटेलर्स ने अपनी दुकानें बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
रिटेलर्स का आरोप है कि सिविल डिफेंस, पेरा फोर्स और स्थानीय सरकारी कर्मी उन्हें परेशान कर रहे हैं। उनका कहना है कि अधिकारी बड़ी एलपीजी कंपनियों और मुनाफाखोरों के बजाय छोटे कारोबारियों को निशाना बना रहे हैं।
सप्लाई की यह समस्या तब और बढ़ गई जब 17 अक्टूबर को गबद-रिमदान और ताफ्तान बॉर्डर क्रॉसिंग बंद हो गए। इन सीमाओं के बंद होने से ईरान से होने वाला एलपीजी का जरूरी आयात पूरी तरह रुक गया है।
कीमतों की बात करें तो ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) ने घरेलू एलपीजी की आधिकारिक कीमत 279.34 रुपये प्रति किलो तय की है। लेकिन बाजार में रेट इससे कहीं ज्यादा चल रहे हैं। हैदराबाद जैसे शहरों में एलपीजी 580 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है।
बाजार में बढ़ी कीमतों के कारण 12 किलो वाले सिलेंडर की कीमत कुछ ही दिनों में 4,500 रुपये से बढ़कर लगभग 7,000 रुपये तक पहुंच गई है।
ओग्रा ने मुनाफाखोरों के खिलाफ कार्रवाई की योजना तो बनाई थी, लेकिन फिलहाल इसमें देरी की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि सख्त कार्रवाई से हड़ताल और बढ़ सकती है जिससे सप्लाई की कमी और ज्यादा गहरी हो जाएगी। ओग्रा के प्रवक्ता ने बताया कि इस संकट को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।