पाकिस्तान में गहराया पोषण संकट: 60% आबादी स्वस्थ भोजन से वंचित

Gautam Sahu5 October 20262 min read0 viewsWorld
पाकिस्तान में गहराया पोषण संकट: 60% आबादी स्वस्थ भोजन से वंचित

पाकिस्तान इस समय एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है, जहां देश का खाद्य तंत्र आम लोगों को पौष्टिक आहार देने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र की खाद्य और कृषि संगठन (FAO) की हालिया रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी इतनी गरीब है कि वह एक स्वस्थ और संतुलित आहार का खर्च नहीं उठा सकती। इस स्थिति ने देश में कुपोषण और खान-पान से जुड़ी बीमारियों के खतरे को काफी बढ़ा दिया है।

FAO की इस रिपोर्ट, जिसका शीर्षक 'Food Supply for Healthy Diets in Pakistan' है, में बताया गया है कि देश में उपलब्ध भोजन और लोगों की वास्तविक पोषण संबंधी जरूरतों के बीच एक बड़ा अंतर है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में एक तरफ तो गंभीर कुपोषण (Undernutrition) की समस्या है, वहीं दूसरी ओर अस्वास्थ्यकर भोजन के अत्यधिक सेवन के कारण गैर-संचारी रोगों (Non-communicable diseases) का बोझ भी बढ़ रहा है।

पोषण सुधार के लिए FAO के कड़े सुझाव

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इस संकट से निपटने के लिए FAO ने पाकिस्तान सरकार को कई महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव करने की सलाह दी है। संगठन का मानना है कि केवल अनाज की उपलब्धता काफी नहीं है, बल्कि आहार में विविधता लाना जरूरी है। इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाने का सुझाव दिया गया है:

  • टैक्स और लेबलिंग: चीनी युक्त पेय पदार्थों और अधिक नमक व वसा वाले खाद्य पदार्थों पर टैक्स लगाया जाए और पैकेट पर पोषण संबंधी स्पष्ट लेबल लगाए जाएं।
  • मार्केटिंग पर रोक: खासकर बच्चों को टारगेट करने वाले अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों के विज्ञापनों पर सख्त पाबंदी लगाई जाए।
  • कृषि नीतियों में बदलाव: सरकार को अपनी निवेश प्राथमिकताओं को बदलना होगा ताकि फल, सब्जियां, दालें और कंद-मूल का उत्पादन बढ़ाया जा सके।
  • सामाजिक सुरक्षा: स्कूली मील प्रोग्राम का विस्तार किया जाए और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत किया जाए ताकि गरीब परिवार पौष्टिक भोजन खरीद सकें।

रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि पाकिस्तान में स्टेपल फूड (मुख्य अनाज) और चीनी की आपूर्ति तो जरूरत से ज्यादा है, लेकिन दालों, फलों और सब्जियों की भारी कमी है। FAO ने सुझाव दिया है कि खाद्य नुकसान को कम करने के लिए कोल्ड-चेन नेटवर्क और बेहतर स्टोरेज सुविधाओं का विकास करना अनिवार्य है, ताकि बाजार में पौष्टिक चीजें उचित दाम पर उपलब्ध हो सकें।

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