Pakistan के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का UNGA में बड़ा बयान, पानी रोकने पर होगी जंग.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने न्यूयॉर्क में आयोजित 81st United Nations General Assembly में बोलते हुए भारत को लेकर एक तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सिंधु नदी प्रणाली के पानी को रोकने या मोड़ने के किसी भी प्रयास को सीधे तौर पर युद्ध का कृत्य माना जाएगा। इस संबोधन के दौरान उन्होंने पानी के बंटवारे को लेकर भारत की नीतियों की कड़ी आलोचना की और इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरनाक बताया।
सिंधु जल समझौते पर क्या बोले शहबाज शरीफ
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में कहा कि सिंधु नदी प्रणाली का साझा पानी न केवल पाकिस्तान के लोगों के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए जीवन रेखा की तरह है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत द्वारा मौजूदा संधि को निलंबित करने का एकतरफा फैसला पूरी तरह से गैरकानूनी है। उन्होंने दावा किया कि भारत के इस कदम को संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों और मध्यस्थता न्यायालय द्वारा पहले ही खारिज किया जा चुका है।
पानी के इस्तेमाल को हथियार न बनाने की चेतावनी
आगे अपनी बात रखते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि पानी को कभी भी हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए और नदियां देशों को बांटने की बजाय उन्हें सींचनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने या मोड़ने की कोई भी कोशिश की जाती है, तो इसे युद्ध समझा जाएगा और भारत को इस बारे में कोई गलतफहमी नहीं रखनी चाहिए।
क्या है सिंधु जल समझौता
आपको बता दें कि Indus Waters Treaty भारत और पाकिस्तान के बीच पानी के बंटवारे को लेकर हुआ एक ऐतिहासिक समझौता है, जिस पर September 19, 1960 को हस्ताक्षर किए गए थे। यह संधि दोनों देशों के बीच सिंधु प्रणाली की नदियों के पानी के इस्तेमाल को नियंत्रित करती है। पहलगाम हमले के बाद इस समझौते को स्थगित कर दिया गया था, जो दोनों देशों के जल-बंटवारे के इतिहास में एक बहुत बड़ा और अहम मोड़ साबित हुआ था। इस पूरी जानकारी के बारे में आप ANI की मूल रिपोर्ट में विस्तार से पढ़ सकते हैं।