Pakistan News: इस्लामाबाद का लॉन्ग मार्च टला, इमरान खान की पार्टी ने बदला प्लान.

पाकिस्तान में राजनीतिक हलचल के बीच एक बड़ा फैसला सामने आया है जहां पाकिस्तान तहरीक-ए-इनसाफ यानी PTI पार्टी ने इस्लामाबाद की तरफ होने वाले अपने चर्चित लॉन्ग मार्च को फिलहाल आगे बढ़ा दिया है। अब यह बड़ा विरोध प्रदर्शन 27 सितंबर 2026 के बजाय आगामी 4 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस बदलाव के पीछे पार्टी की एक खास रणनीति बताई जा रही है ताकि सरकार के रवैये को परखा जा सके और सुरक्षा बलों को ज्यादा से ज्यादा व्यस्त रखा जा सके।
कड़ी सुरक्षा और बड़े पैमाने पर बैरिकेडिंग
विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए पाकिस्तानी सरकार ने राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और लगभग 22,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। शहर को सील करने के लिए करीब 1,000 से ज्यादा शिपिंग कंटेनरों का इस्तेमाल किया गया है, जिनमें से कई पर नुकीले कांटे भी लगाए गए हैं ताकि रास्तों को पूरी तरह से बंद किया जा सके। इस्लामाबाद-पेशेवर मोटरवे समेत कई मुख्य मार्गों और स्थानीय पुलों पर रेत की बोरियां भी रख दी गई हैं ताकि किसी भी तरह के मूवमेंट को रोका जा सके।
धारा 144 और इंटरनेट सेवाओं पर रोक
स्थिति को काबू में रखने के लिए इस्लामाबाद में दो महीने और पंजाब प्रांत में 13 दिनों के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है जिसके तहत किसी भी तरह के सार्वजनिक जमावड़े पर पूरी तरह से पाबंदी है। इसके अलावा आम जनता की मुश्किलें बढ़ाते हुए प्रशासन ने इस्लामाबाद, रावलपिंडी और अटक में 26 और 27 सितंबर के दौरान मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को भी पूरी तरह से बंद कर दिया था।
बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी
सरकार की इस सख्त कार्रवाई के दौरान लगभग 1,500 PTI नेताओं, कानून निर्माताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनें—अलेमा खान, उज्मा खान और नूरीन नियाजी भी शामिल हैं, जिन्हें लोक व्यवस्था रखरखाव यानी MPO अध्यादेश के तहत हिरासत में लिया गया है। इस जबर्दस्त नाकेबंदी की वजह से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और ट्रांसपोर्ट मालिकों का कहना है कि लगभग 2,000 मालवाहक वाहनों को रोक लिया गया है जिससे सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ रहा है और कारोबारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सरकार और मानवाधिकार संगठनों का पक्ष
दूसरी तरफ सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने यह साफ किया है कि राजधानी में पूरी तरह से लॉकडाउन नहीं लगाया गया है और सरकार किसी भी कीमत पर शहर का कामकाज ठप नहीं होने देगी। वहीं दूसरी ओर एमनेस्टी इंटरनेशनल और पाकिस्तान ह्यूमन राइट्स कमीशन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने बड़े पैमाने पर हो रही गिरफ्तारियों और बुनियादी अधिकारों पर लग रही पाबंदियों को लेकर गहरी चिंता जताई है और हालात को शांत करने की अपील की है।