पाकिस्तान के पाकपट्टन में बस और ट्रक की भिड़ंत, 11 की मौत और 33 घायल
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बस और ट्रक की भीषण टक्कर में 11 लोगों की मौत हो गई और 33 घायल हुए हैं। हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

इस्लामाबाद (पाकिस्तान): पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के पाकपट्टन इलाके में एक यात्री बस और ट्रक के बीच हुई जोरदार टक्कर में कम से कम 11 लोगों की जान चली गई है। इस दर्दनाक हादसे में 33 अन्य लोग घायल हुए हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा शुक्रवार को हुआ।
रेस्क्यू 1122 ने पुष्टि की है कि हादसे के तुरंत बाद 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों में से आठ लोगों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि 25 अन्य लोगों को गंभीर हालत में पाकपट्टन के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, यह दुर्घटना देपालपुर रोड पर हुई। मुल्तान से कासूर जा रही एक यात्री बस सामने से आ रहे ट्रक से आमने-सामने टकरा गई।
मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए आपातकालीन कर्मियों को तीन घंटे तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पीड़ितों को वाहनों के मलबे से निकालने के लिए क्रेन और भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया।
पंजाब प्रांत में सड़क सुरक्षा की खराब स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केवल अक्टूबर महीने में ही 44,797 सड़क हादसे हुए। इन हादसों में 464 लोगों की मौत हुई और 23,543 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। आंकड़ों के मुताबिक, इन घटनाओं में करीब तीन-चौथाई मामलों में मोटरसाइकिलें शामिल थीं।
रेस्क्यू 1122 की मासिक समीक्षा बैठक में सामने आया कि अक्टूबर के दौरान बचाव दलों ने कुल 2,31,056 आपातकालीन स्थितियों में मदद पहुंचाई और 2,33,210 लोगों की जान बचाई। इस दौरान सड़क हादसों के अलावा 1,726 आगजनी और 94 डूबने की घटनाएं दर्ज की गईं।
शहरवार आंकड़ों के अनुसार, लाहौर में सबसे ज्यादा 7,874 सड़क हादसे हुए, जिनमें ज्यादातर मोटरसाइकिल दुर्घटनाएं थीं। इसके बाद मुल्तान में 2,838, फैसलाबाद में 2,615, गुजरांवाला में 2,092, शेखूपुरा में 1,714 और टौंसा शरीफ में 142 हादसे दर्ज किए गए।
रेस्क्यू 1122 के कर्मियों ने 6,924 आग और बचाव कार्यों के साथ-साथ हजारों मेडिकल केस संभाले। इनमें 5,275 डायबिटीज संकट, 4,915 मनोवैज्ञानिक आपात स्थिति, 4,227 जोड़ों के दर्द के मामले, 4,195 अपराध से जुड़ी आपात स्थितियां और 379 एलर्जी के मामले शामिल थे।