पाकिस्तान के डेरा इस्माइल खान में ऐतिहासिक राम लीला मंदिर को प्रशासन ने किया सील, विरासत बचाने की उठी मांग

Gautam Sahu18 October 20262 min read0 viewsWorld
पाकिस्तान के डेरा इस्माइल खान में ऐतिहासिक राम लीला मंदिर को प्रशासन ने किया सील, विरासत बचाने की उठी मांग

डेरा इस्माइल खान (पाकिस्तान): पाकिस्तान के डेरा इस्माइल खान स्थित रहीम बाजार के ऐतिहासिक राम लीला मंदिर को प्रशासन ने सील कर दिया है। इस कदम के बाद धार्मिक विरासत की सुरक्षा और सांस्कृतिक स्थल को व्यावसायिक संपत्ति में बदलने की कोशिशों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।

यह कार्रवाई उस समय हुई जब नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं ने मंदिर को गिराकर वहां एक कमर्शियल प्लाजा बनाने की कोशिशों को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, जन विरोध के बाद असिस्टेंट कमिश्नर हामिद सिद्दीकी ने पहले भी मंदिर को सील किया था और वहां निर्माण कार्य रुकवा दिया था। अब दोबारा सील किए जाने से स्थानीय निवासियों और विरासत प्रेमियों में घबराहट है।

इस बीच हिंदू समुदाय और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने एक साझा बैठक की। यह बैठक स्थानीय नागरिक समाज संगठन के अध्यक्ष सोहेल अहमद अजमी के कार्यालय में हुई, जिसमें पूर्व प्रांतीय विधानसभा सदस्य किशोर कुमार और समाज सेवक मोहम्मद नुमान समेत कई लोग शामिल हुए। बैठक में मौजूद लोगों ने कमर्शियल निर्माण का कड़ा विरोध किया और मांग की कि इस मुद्दे को पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में उठाया जाए।

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बैठक में मंदिर के ऐतिहासिक महत्व पर जोर देते हुए बताया गया कि इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड ने डेरा इस्माइल खान में करीब 400 इमारतों को सांस्कृतिक विरासत के रूप में पहचाना है, जिनमें यह मंदिर भी शामिल है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर इस ढांचे को गिराया गया, तो शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान खतरे में पड़ जाएगी।

नागरिक समाज के सदस्यों ने कहा कि वे विरासत को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी कदम का विरोध करेंगे। इसमें व्यापारिक समुदाय, साहित्यिक हलकों और विरासत संगठनों के लोग मिलकर ऐतिहासिक इमारतों को बचाने की कोशिश करेंगे।

साथ ही, प्रस्तावित कमर्शियल प्लाजा की वैधता पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि संबंधित अधिकारियों ने इस बात की जांच किए बिना निर्माण की अनुमति दे दी कि क्या उनके पास ऐसी परियोजना को मंजूरी देने का कानूनी अधिकार था।

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