रियाद एयरपोर्ट हमले के बाद पाकिस्तान का सऊदी अरब को समर्थन

रियाद: सऊदी अरब के रियाद शहर में किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हुए घातक हमले के बाद पाकिस्तान ने खुलकर सऊदी अरब के साथ खड़े होने का ऐलान किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने रविवार को बयान जारी कर सऊदी अरब की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपने देश की अटल प्रतिबद्धता दोहराई। यह बयान रियाद एयरपोर्ट हमले की निंदा के तौर पर सामने आया है, जिसमें कई लोगों की जान गई है।
हमला शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को हुआ। सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) के मुताबिक एयरपोर्ट के घरेलू टर्मिनल तीन और चार पर मिसाइल से हमला किया गया। इस घटना में 12 लोगों की मौत हो गई और 309 लोग घायल हुए। मृतकों और घायलों में सऊदी अरब के अलावा बांग्लादेश, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फ़िलिस्तीन और सूडान के नागरिक भी शामिल बताए गए हैं।
शहबाज़ शरीफ़ ने इस हमले को बेहद निंदनीय बताया। उनका कहना था कि नागरिक इलाकों और अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। पाकिस्तान के इस रुख के पीछे अगस्त 2026 में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुआ त्रिपक्षीय मक्का संयुक्त रक्षा समझौता है। इस समझौते के तहत किसी एक हस्ताक्षरकर्ता देश पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा।
इससे पहले शुक्रवार, 9 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि आसिफ़ इफ़्तिख़ार अहमद ने यमन के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित किया था। उसमें भी उन्होंने सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान की अडिग एकजुटता को दोहराया था।
सऊदी गठबंधन की सख्त प्रतिक्रिया
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस हमले को "पूर्ण रूप से युद्ध अपराध" करार दिया है। गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-माल्की ने ईरान समर्थित हूती मिलिशिया के खिलाफ सख्त जवाब देने की बात कही है। वैश्विक स्तर पर भी इस हमले की व्यापक निंदा हो रही है। संयुक्त राष्ट