पाकिस्तान ने अमरीकी कंपनी से किया ड्रोन का बड़ा सौदा, ट्रंप परिवार का जुड़ा है नाम।

पाकिस्तान ने अमरीका की एक प्रमुख ड्रोन निर्माता कंपनी Powerus के साथ एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। इस नई डील के तहत पाकिस्तान की सेना को मानवरहित हवाई प्रणालियाँ यानी ड्रोन मिलने वाले हैं। इस समझौते में एक सहमति पत्र और शुरुआती खरीद आर्डर शामिल है, जो 16 सितंबर 2026 को हुई एक अहम बैठक के बाद सामने आया है। इस बैठक में पावरस के सह-संस्थापक Brett Velicovich और पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल Syed Asim Munir आमने-सामने मिले थे। पाकिस्तान के पास पहले से ही घरेलू उत्पादन, चीन और तुर्किए के बनाए हुए ड्रोन मौजूद हैं, लेकिन इस नए कदम का मकसद अपनी सैन्य ताकत को और ज्यादा मजबूत करना है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद उठाया गया बड़ा कदम
मई 2025 में भारत के साथ हुए संघर्ष के दौरान ड्रोन तकनीक ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी, जिसे 'Operation Sindoor' के नाम से जाना जाता है। इस संघर्ष के बाद ही पाकिस्तान अपनी सैन्य तैयारियों को नए सिरे से परख रहा है। पाकिस्तान खासतौर पर पावरस के Guardian Interceptor ड्रोन हासिल करना चाहता है ताकि एक तरफा हमला करने वाले ड्रोनों के खतरे से निपटा जा सके। इस पूरी डील को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चा हो रही है क्योंकि इस कंपनी के वित्तीय तार सीधे तौर पर अमरीकी राजनीति से जुड़े हुए हैं।
ट्रंप परिवार का जुड़ाव और निवेश
पावरस कंपनी जल्द ही Aureus Greenway Holdings नाम की एक सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी में विलय होने वाली है। अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बेटे Donald Trump Jr. और Eric Trump अपने निवेश फंड American Ventures के जरिए इस कंपनी में बड़े निवेशक हैं। अक्टूबर 2026 की शुरुआत में इस विलय के पूरे होने की उम्मीद है, जिसके बाद इन दोनों भाइयों की इस संयुक्त कंपनी में 9.9% हिस्सेदारी हो जाएगी। इस पारिवारिक और कारोबारी संबंध के कारण इस रक्षा समझौते पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
भारत के साथ भी हैं व्यापारिक रिश्ते
खास बात यह है कि जिस पावरस कंपनी से पाकिस्तान ने यह डील की है, उसके व्यावसायिक संबंध भारत के साथ भी बने हुए हैं। इस कंपनी की भारतीय फर्म Paras Defence के साथ साझेदारी है, जिसके तहत स्थानीय स्तर पर एंटी-ड्रोन सिस्टम बनाए और बेचे जाते हैं। इसके अलावा, भारत खुद भी अमरीका से armed Guardian ड्रोन खरीदने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। अगर यह सौदा पूरा होता है तो यह किसी भी ऐसे देश को इस तकनीक की पहली बिक्री होगी जो नाटो का सदस्य नहीं है।
कंपनी और सेना का आधिकारिक बयान
इस पूरे विवाद और चर्चा के बीच पावरस के सीईओ Andrew Fox ने साफ किया है कि उनकी कंपनी की तरक्की पूरी तरह से उनकी योग्यता पर आधारित है और इसका ट्रंप परिवार के निवेश से कोई लेना-देना नहीं है। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के प्रवक्ता ने भी यह स्पष्ट किया कि वह इस कंपनी में सिर्फ एक पैसिव निवेशक हैं जिनकी अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी है और उनकी कंपनी के प्रबंधन में कोई भूमिका नहीं है। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि पाकिस्तान के साथ ऐसा कोई समझौता होने जा रहा है। पाकिस्तान की सेना के जनसंपर्क विभाग यानी ISPR ने रक्षा खरीद और क्षमता निर्माण को लेकर हुई इस बैठक की पुष्टि की है, हालांकि ब्रिट वेलिकोविच ने सुरक्षा और गोपनीयता का हवाला देते हुए आर्डर की सटीक कीमत का खुलासा करने से मना कर दिया है।