सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान ने ईरान के साथ सीमा व्यापार रोका जिससे बॉर्डर पर करीब दो हजार ट्रक फंस गए हैं

बलूचिस्तान: पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए ईरान के साथ ताफ्तान और गब्द-रिमदान बॉर्डर क्रॉसिंग पर व्यापारिक गतिविधियों को रोक दिया है। इस फैसले की वजह से सीमा के दोनों ओर लगभग 2,000 मालवाहक ट्रक फंसे हुए हैं।
व्यापार पर यह रोक शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 से लागू हुई है। इससे पहले पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को एक मेमोरेंडम जारी कर 3 अक्टूबर के पुराने आदेश को वापस ले लिया था।
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के मीडिया और राजनीतिक मामलों के सलाहकार शाहिद रिंद ने बताया कि यह एक अस्थायी कदम है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद सुरक्षा को मजबूत करना, तस्करी को रोकना और बॉर्डर मैनेजमेंट के नियमों को बेहतर बनाना है। रिंद ने सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी प्रशासनिक मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत कर रहे हैं और जल्द ही एक नए सिस्टम के तहत बॉर्डर फिर से खुल जाएगा।
चागाई जिले के डिप्टी कमिश्नर बख्तियार इस्माइल ने पुष्टि की है कि आतंकवाद विरोधी सुरक्षा कारणों से ताफ्तान क्रॉसिंग को बंद रखा गया है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाएई ने इस बंदी को तकनीकी कारणों और एहतियाती उपायों की वजह से अस्थायी बताया है।
व्यापार रुकने के कारण क्वेटा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (QCCI) ने अपने सदस्यों को निर्देश दिए हैं कि जब तक अगली सूचना न मिले, ईरान के साथ आयात और निर्यात के सभी नए ऑर्डर बंद रखें।
बॉर्डर पर फंसे ट्रकों में चावल, ताजे फल और एलपीजी (LPG) जैसे सामान लदे हुए हैं। गब्द-रिमदान क्रॉसिंग से पाकिस्तान रोजाना 4,000 टन से ज्यादा एलपीजी आयात करता है, जिससे अब ईंधन की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। ईरान की वाना न्यूज एजेंसी के मुताबिक, रिमदान-गब्द क्रॉसिंग से यात्रियों की आवाजाही अभी भी जारी है।