ग्वादर में लापता बलोच युवक अहमद का शव मिला, पांच अक्टूबर को हुआ था अगवा
ग्वादर में सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर उठाए गए बलोच युवक का शव मिलने से तनाव बढ़ा। तुर्बत में भी तीन लोग लापता हैं।

बलूचिस्तान (पाकिस्तान): ग्वादर जिले में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर अगवा किए गए एक बलोच युवक का शव मिलने के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इस घटना ने पाकिस्तान में बलोच नागरिकों के साथ हो रहे व्यवहार और जबरन गायब किए जाने (enforced disappearances) के मामलों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक की पहचान गवाहराम बलोच के बेटे अहमद के रूप में हुई है। बताया गया है कि अहमद को 5 अक्टूबर 2025 को ग्वादर के शादी कौर इलाके से सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में लिया था, जिसके बाद उसे किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया।
अहमद का शव 19 अक्टूबर 2026 को बरामद हुआ। इस घटना के बाद उसकी मौत और गायब रहने के दौरान की परिस्थितियों को लेकर गहरा आक्रोश है।
इसी बीच, केच जिले के तुर्बत में तीन अन्य परिवारों ने अपने रिश्तेदारों की जानकारी मांगी है, जिन्हें कथित तौर पर पाकिस्तानी सेना ने उठा लिया है। जानकारी के अनुसार, 24 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे अस्कानी अब्सर से तलौ (नागुमान का बेटा), मोहम्मद हयात (बाबुल का बेटा) और चरशम्बे (शम्बे का बेटा) को हिरासत में लिया गया था।
परिजनों का आरोप है कि इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने उनका वाहन और निजी सामान भी जब्त कर लिया। बार-बार अपील करने के बावजूद इन तीनों पुरुषों का कोई पता नहीं चल पाया है।
तलौ के बेटे पीर जान ने बताया कि उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया और इस मामले को सार्वजनिक भी किया, लेकिन उन्हें कोई ठोस जवाब नहीं मिला। पीड़ित परिवारों ने केच के डिप्टी कमिश्नर, जिला पुलिस अधिकारी और मकरान कमिश्नर से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
दूसरी ओर, क्वेटा प्रेस क्लब के बाहर 'द वॉयस फॉर बलोच मिसिंग पर्सन्स' (VBMP) का प्रदर्शन जारी है, जिसे अब 6,410 दिन हो चुके हैं। पत्रकार सैफुल्लाह सरपराह और कॉमरेड मंजूर बलोच ने प्रदर्शन स्थल का दौरा कर प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुटता जताई।
VBMP के चेयरमैन नसीरुल्लाह बलोच ने कहा कि जबरन गायब किए जाने के कारण परिवारों को भारी भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जब दोस्त और रिश्तेदार बिना किसी स्पष्टीकरण के गायब हो जाते हैं, तो पूरा घर बिखर जाता है। नसीरुल्लाह ने पाकिस्तान सरकार और संस्थागत नेतृत्व से मानवीय आधार पर लापता लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।